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ईएमयू में बुर्का पहने पकड़ा गया संदिग्ध इंजीनियर, खलबली

ईएमयू ट्रेन में बुर्का पहने एक पुरुष संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उसे भाजपाईयों ने पकड़ कर जीआरपी के हवाले किया। पड़ताल शुरू हुई तो मालूम हुआ पुरुष कासिमपुर पावर हाउस में इंजीनियर है। उस पर शक तब और...

ईएमयू में बुर्का पहने पकड़ा गया संदिग्ध इंजीनियर, खलबली
हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Sun, 02 Jul 2017 11:13 PM
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ईएमयू ट्रेन में बुर्का पहने एक पुरुष संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। उसे भाजपाईयों ने पकड़ कर जीआरपी के हवाले किया। पड़ताल शुरू हुई तो मालूम हुआ पुरुष कासिमपुर पावर हाउस में इंजीनियर है। उस पर शक तब और गहरा गया जब उसके पास ट्रेन का टिकट नहीं मिला। बुर्का पहनने के पीछे संदिग्ध इंजीनियर जान को खतरा बता रहा है। एटीएस की पूछताछ जारी है। दोपहर पौने तीन बजे करीब भाजपा युवा मोर्चा के दीपक दुबे समेत कई लोग दिल्ली जाने के लिए अलीगढ़-दिल्ली ईएमयू 64151 में सवार होने जा रहे थे। प्लेटफार्म तीन-चार पर इनके बगल से बुर्का पहने कोई गुजरा। इनका ध्यान उसके हाथ पर गया तो वह पुरुष के लग रहे थे। चाल भी पुरुषों वाली थी। संदिग्धता तब बढ़ गई जब वह चारों ओर नजर घुमा कर देखने लगा। भाजपाई उस पर निगाह टिकाए रहे। उसे भी शक हो गया कि कोई देख रहा है। इतने में वह भागने लगा। तब उन्होंने उसे पकड़ लिया। जैसे ही बुर्का उठवाया तो उसमें पुरुष निकला। जिस पर हंगामा खड़ा हो गया। संदिग्ध मानते हुए भाजपाई उसे पहले प्लेटफार्म तीन-चार पर उतार लाए। थोड़ी ही देर में जीआरपी थाने ले आए। काफी देर हंगामा रहा। ट्रेन छूटने को हुई तो भाजपाई चले गए। इसके बाद जीआरपी ने पड़ताल शुरू की। इस मामले में ऐसी खलबली मची कि खुफिया एजेंसियां और एटीएस स्टेशन पर जुट गई। बुर्का पहने व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम बताया। यह भी बताया कि मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला है। परिवार हाल में पटना रह रहा है। यह भी बताया कि वह एक महत्पवूर्ण हाउस में एई है। 2009 से यहां तैनात है। उससे पहले वह सोनभद्र में तैनात था। संदिग्ध से ट्रेन में सवार होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह एम्स में भर्ती भाई को देखने जा रहा था। उनके हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। बुर्का क्यों पहना? इस सवाल के जवाब में संदिग्ध ने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली जाते वक्त उसकी स्टेशन पर लड़ाई हो गई थी। कुछ लोगों ने उसे पीटा था। साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी। किसने मारा? उसके बारे में बताने से संदिग्ध ने साफ मना कर दिया। यह कहते हुए कि नाम बता दिया तो आप राज खोल दोगे। वह मुझे मार देगा। इससे अच्छा है मैं आत्महत्या कर लूं। इतना कहते ही वो रोने लगा। पूछताछ कर रहे लोगों ने उसे शांत किया। तब उसने बताया कि धमकी देने वाले लोगों की निगाह से बचने के लिए वह पत्नी का बुर्का पहन कर आया था। तस्दीक के लिए बाद में जीआरपी की टीम कासिमपुर में उसके घर गई। जहां उसी के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी। पत्नी को कुछ दिन पहले बिहार अपने घर छोड़ आया, सो घर पर ताला था। उसके विभागीय अधिकारियों ने भी उसके इंजीनियर होने की पुष्टि की। एम्स में भर्ती उसके भाई से बात की तो मालूम हुआ वाकई उनके हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। इतनी तस्दीक के बाद भी शक अब भी इसलिए बना हुआ है कि बी.टेक होने और प्रतिष्ठि पद पर कार्य करने के बावजूद संदिग्ध के पास ट्रेन का टिकट नहीं मिला। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने बुर्का पहने व्यक्ति को पकड़ा। पड़ताल में सामने आया कि वह एक महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान में इंजीनियर है। बुर्का पहनने का कारण संदिग्ध ने बताया कि कुछ दिन पहले स्टेशन पर उसका झगड़ा हो गया था। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी थी। उनके डर से बुर्का पहन कर आया था। अब भी उससे पूछताछ की जा रही है। उसकी बताई सभी बातों को क्रॉस वेरिफाई किया जा रहा है। -अब्दुल कादिर, एसएसआई, जीआरपी अलीगढ़  

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