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सराफा मार्केट में सन्नाटा, ऑनलाइन हो रहा सोने व चांदी का कारोबार

सराफा मार्केट में सन्नाटा, ऑनलाइन हो रहा सोने व चांदी का कारोबार

संक्षेप:

Aligarh News - शादी वाले घरों को छोड़ दें तो बाकी गहने की खरीदार हो गए कम, चांदी के रेट में रोजाना इजाफे से ज्वैलरी की खरीदारी से किया किनारा

Jan 15, 2026 12:47 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अलीगढ़
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अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सोने व चांदी की कीमतों बेतहाशा बढ़ोत्तरी से सराफा मार्केट की चमक गायब हो गई है। सराफा बाजार में ग्राहक नदारद हो गए हैं। इसके साथ मार्केट में चांदी व चांदी की ज्वैलरी का भी संकट है। सराफा कारोबारियों चांदी के लिए तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। पुरानी चांदी लेकर भी लोग कम आ रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन सट्टेबाजी में पैसा चांदी में खूब लग रहा है। चांदी व गोल्ड वाले शेयरों में निवेशक पैसा लगा रहे हैं। चांदी की कीमतों में रिकार्ड इजाफा हुआ है। चांदी की कीमतें बढ़ने से ज्वैलरी व ठोस चांदी की डिमांड कम हो गई है।

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लोगों की जेब से चांदी बाहर हो गई है। सराफा कारोबारियों की मानें तो छोटे सराफा कारोबारी इससे टूट जाएगें। मौजूदा समय में बाजार में चल रही अस्थिरता के चलते बड़े सराफा कारोबारी सहमे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उठापटक के बीच धातुओं की कीमतों में बंपर उछाल देखने को मिल रहा है। चांदी 2.70 लाख रुपये प्रतिकिलो हो गई है। जबकि 24 कैरेट गोल्ड 1.46 लाख रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच गया है। सराफा मार्केट की कीमतों ने चाल बिगाड़ दी है। फरवरी में सहालग शुरू होंगे, लेकिन सराफा मार्केट की ओर खरीदारों के कदम नहीं बढ़ल रहे हैं। दिन से चार दिन बाद मिल रही ज्वैलरी सराफा कारोबारियों की मानें तो बाजार में चांदी नहीं है। एडवांस देने के बाद तीन से चार दिन में चांदी मिल पा रही है। तैयार चांदी की ज्वैलरी भी सराफा मार्केट में 50 फीसदी सराफा कारोबारियों के पास ही उपलब्ध है। भारी वजन की ज्वैलरी एडवांस में कोई सराफा कारोबारी खरीदकर नहीं ला रहा है। पायल से लेकर बिछुए तक पहुंच से दूर सराफा कारोबारियों की मानें तो महिलाएं पायल व बिछुए की खरीदारी जरूरत के मुताबिक करती रहती थीं। लेकिन जब से दाम बढ़े हैं महिला ग्राहक भी कम हो गई हैं। पायल व बिछुए की कीमत भी बढ़ गई है। जो बिछुए 500 से 800 रुपये में मिल जाते थे अब वह तीन हजार रुपये में मिल रहे हैं। पायल 10 से 15 हजार रुपये में स्टार्ट हो रही है। जबकि साल 2025 में 10 से 15 हजार रुपये में भारी वजन की पायल मिल जाती थी। ऑनलाइन सट्टेबाजी ने बाजारा का गणित बिगाड़ा सराफा कारोबारियों की मानें तो ऑनलाइन सट्टेबाजी ने सारा गणित बिगाड़ दिया है। पहले सर्राफ ही सट्टेबाजी के मास्टर थे, लेकिन अब हर सामान्य व्यक्ति भी मुनाफा कमाने के लिए डीमैट एकाउंट खोलकर चांदी व गोल्ड वाले शेयर में निवेश कर रहा है। सुबह स्टॉक खरीद रहा है और शाम को बेच रहा है। पिछले साल चांदी 90 से 95 हजार रुपये थी जो अब 2.70 लाख रुपये प्रति किलो की कीमत को पार कर चुकी है। हाल ही में चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे सराफा बाजार में अस्थिरता है; जहाँ कुछ निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, वहीं यह उछाल वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (जैसे अमेरिका-ईरान तनाव) और डॉलर की कमजोरी के कारण है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं, और यह स्थिति सराफा बाजार में 'बैठक' या स्थिरता ला सकती है, लेकिन लंबी अवधि में कीमतें ऊंची रहने की उम्मीद है, जिससे ज्वेलरी और औद्योगिक मांग पर असर पड़ रहा है. सराफा बाजार पर असर मांग में कमी: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के कारण, कुछ खरीदार मुनाफावसूली कर रहे हैं या इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता या थोड़ी गिरावट दिख सकती है। निवेशकों की रणनीति: निवेशक पोर्टफोलियो को संतुलित कर रहे हैं। कुछ मुनाफा बुक कर रहे हैं। जबकि लंबी अवधि के निवेशक खरीदारी जारी रख सकते हैं। सोने व चांदी के रेट धातु रेट गोल्ड 24 कैरेट 1.46 लाख रुपये प्रति दस ग्राम गोल्ड 22 कैरेट 1.32 लाख रुपये प्रति दस ग्राम गोल्ड 18 कैरेट 1.11 लाख रुपये प्रति दस ग्राम चांदी 2.70 लाख रुपये प्रति किलो बोले सराफा कारोबारी चांदी व सोने की कीमतों में इजाफे का असर बाजार पर पड़ रहा है। ग्राहक कम हो गए हैं। बाजार में चांदी की उपलब्धता है। रेट और बढ़ेंगे तो स्थिति बिगड़ जाएगी। सोने व चांदी के भाव में स्थिरता की आवश्यकता है। विजय अग्रवाल, संचालक सोनी ज्वैलर्स। बाजार में चांदी की उपलब्धता नहीं है। तीन से चार दिन में चांदी मिल रही है। सराफा बाजार में दिनभर इंतजार के बाद भी ग्राहक नहीं हैं। पायल व बिछुए खरीदने वाले ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी ने बाजार का गणित बिगाड़ दिया है। शीपू सर्राफ, सराफा कारोबारी।