ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश अलीगढ़अलीगढ़ लोकसभा सीट से सपा-कांग्रेस का गठबंधन

अलीगढ़ लोकसभा सीट से सपा-कांग्रेस का गठबंधन

फोटो.. -गठबंधन को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर लगा विराम -पिछले

अलीगढ़ लोकसभा सीट से सपा-कांग्रेस का गठबंधन
हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Wed, 21 Feb 2024 10:35 PM
ऐप पर पढ़ें

फोटो..

-गठबंधन को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर लगा विराम

-पिछले चुनावी नतीजों को देखते हुए सपा के खाते में गई अलीगढ़ सीट

-कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ने का मंसूबा रखने वालों को लगा झटका

-दोनों युवा नेताओं की राजनीतिक गठजोड़ से लोकसभा चुनाव में उतरने की तैयारी

-2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा व आरएलडी के बीच था गठबंधन

-कांग्रेस ने अलीगढ़ सीट पर अकेले लड़ा था चुनाव, मिले थे 50 हजार से अधिक वोट

अलीगढ़। कार्यालय संवाददाता

उप्र में गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर बुधवार को हाईकमान की घोषणा के बाद विराम लग गया। अलीगढ़ लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जा चुकी है। अलीगढ़ सीट से सपा व कांग्रेस मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। पुराने चुनाव परिणामों को ध्यान में रखते हुए हाईकमान ने अलीगढ़ सीट को सपा के खाते में रखा है। हालांकि 2014 से लगातार भाजपा का अलीगढ़ सीट पर कब्जा है।

सपा-कांग्रेस के गठबंधन से अलीगढ़ लोकसभा सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा व आरएलडी के बीच गठबंधन था। बसपा ने लोकसभा चुनाव लड़ा था। बसपा उम्मीदवार डा. अजित बालियान को गठबंधन में 426954 लाख वोट मिले थे। कांग्रेस ने गठबंधन से अलग रहते हुए चुनाव लड़ा था और कांग्रेस उम्मीदवार रहे चौ. बिजेंद्र सिंह को 50880 हजार वोट मिले थे। भाजपा उम्मीदवार सतीश गौतम को 656215 लाख वोट मिले थे। भाजपा उम्मीदवार ने 229261 लाख वोटों से जीत दर्ज की थी। गठबंधन को 36.9, भाजपा को 56.72 व कांग्रेस को 4.4 प्रतिशत वोट मिले थे। लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में चुनावी परिदृश्य अलग होगा। इस बार सपा-कांग्रेस में गठबंधन में चुनाव लड़ेंगी। सपा के साथ इस चुनाव में आरएलडी का साथ नहीं मिलेगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन व कांग्रेस ने जाट उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। भाजपा ने सतीश गौतम को दोबारा मैदान में उतारा था।

सपा के खाते में नहीं है जीत का रिकार्ड

-लोकसभा चुनाव को लेकर अलीगढ़ सीट बेशक सपा को दी गई है, लेकिन इस सीट से अभी तक सपा का खाता नहीं खुला है। कांग्रेस ने 2004 में लोकसभा चुनाव जीता था। चौ. बिजेंद्र सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार था। सपा, बसपा व आरएलडी के गठबंधन में भी सीट नहीं निकली थी। 2009 में बसपा की राजकुमारी चौहान ने चुनाव जीता था। सपा दूसरे व तीसरे स्थान पर ही लड़ती रही है।

कांग्रेसियों को लगा झटका

-सपा के खाते में सीट जाने से कांग्रेस खेमे में निराशा है। सपा के खेमे में उत्साह दिखाई दे रहा है। कांग्रेस से कई नेता लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार थे। 25 फरवरी को राहुल गांधी की यात्रा भी अलीगढ़ आ रही है। सवाल यह है कि सपा कांग्रेस में गठबंधन के बाद इस सीट का परिणाम क्या होगा? अगर बात सपा के दावेदारों की करें तो यहां से चौ.बिजेंद्र सिंह, ठा.राकेश सिंह, भगवान शर्मा गुड्डू आदि दावेदार हैं।

बोले सपाई व कांग्रेसी

हाईकमान के निर्देश पर गठबंधन में चुनाव लड़ा जाएगा। उप्र में गठबंधन मजबूती के साथ 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और जीत दर्ज करेगा। हाईकमान के निर्देश पर चुनाव मजबूती के साथ लड़ाया जाएगा। ठा. संतोष सिंह जादौन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष।

चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। लेकिन सीट सपा के खाते में जा चुकी है। जो भी उम्मीदवार होगा उसको मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। गठबंधन जीत दर्ज करेगा। विवेक बंसल, कांग्रेस के पूर्व विधायक।

हाईकमान का जो निर्देश प्राप्त होगा उसका पालन किया जाएगा। सपा पूरी तरह से लोकसभा चुनाव को लेकर तैयार है। गठबंधन से सपा को और मजबूती मिलेगी। लक्ष्मीधनगर, सपा जिलाध्यक्ष।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें