दो मई से ज्येष्ठ माह, 17 मई से लगेगा अधिक मास, आठ होंगे बड़े मंगलवार

Apr 30, 2026 10:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अलीगढ़
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Aligarh News - भारतीय वैदिक गणना और पंचांग के अनुसार हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास पुरुषोत्तम मास पड़ता है

दो मई से ज्येष्ठ माह, 17 मई से लगेगा अधिक मास, आठ होंगे बड़े मंगलवार

अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। इस वर्ष अधिक मास ज्येष्ठ मास के रूप में पड़ रहा है। अधिक मास तीन साल में चंद्रमा और सूर्य के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए आता है। अतः इसे मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून को समाप्त होगा। यानी इस महीने में कुल 59 दिन होंगे। ज्योतिषाचार्य पं. ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि संवत् 2083 प्रथम ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष रविवार 17 मई से द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या दिन सोमवार 15 जून तक ज्येष्ठ मास अधिक मास के रूप में मान्य होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह साल का सबसे बड़ा महीना होगा। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल कहा जाता है, यह हनुमान जी को समर्पित है। इसी महीने में हनुमान जी और राम जी का मिलन हुआ था। 2026 में 19 साल बाद दुर्लभ संयोग से ज्येष्ठ मास में 8 मंगलवार हो रहे हैं। अधिक मास के कारण 4 की जगह 8 मंगलवार होंगे.

बड़ा मंगलवार तिथियां

(प्रथम ज्येष्ठ मास)

05 मई पहला बड़ा मंगल

12 मई दूसरा बड़ा मंगल

19 मई तीसरा बड़ा मंगल

26 मई चौथा बड़ा मंगल

(द्वितीय ज्येष्ठ मास) -

02 जून पांचवा बड़ा मंगल

09 जून छठा बड़ा मंगल

16 जून सातवां बड़ा मंगल

23 जून आठवां बड़ा मंगल

चार एकादशी व्रत का संयोग

ज्येष्ठ मास में चार एकादशी व्रत पड़ेंगे, जो 13 मई प्रथम ज्येष्ठ मास में अपरा एकादशी व्रत और 27 मई को कमला पुरूषोत्तमा एकादशी व्रत, वहीं 11 जून द्वितीय ज्येष्ठ मास में कमला पुरूषोत्तमा एकादशी व्रत और 25 जून को निर्जला एकादशी व्रत होगा। प्रथम ज्येष्ठ मास में 16 मई को शनि अमावस्या शनिदेव की जयंती पड़ रही है। 21 मई और 18 जून को अतिशुभ गुरु पुष्य अमृत योग भी पड़ेगा.

आध्यात्मिक शक्ति होगी प्राप्त

अधिक मास की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम दिया और कहा है कि अब मैं इस मास का स्वामी हो गया हूं। अब यह जगत पूज्य होगा और द्रारिद्रय का नाश करने वाला होगा। इस मास में नियमपूर्वक संयमित होकर भगवान विष्णु और शिव की पूजा करने से अलौकिक और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और मृत्यु के बाद किसी प्रकार की अधोगति का भय नहीं होता।

अधिक मास से संबंधित सामान्य प्रश्न

अधिक मास कब से कब तक रहेगा?
अधिक मास ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून को समाप्त होगा।
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