Shadab was accused of extorting Munir for six lakh rupees in extortion - रंगदारी में वसूले मुनीर के छह लाख रुपए डकार गया था शादाब DA Image
15 दिसंबर, 2019|2:53|IST

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रंगदारी में वसूले मुनीर के छह लाख रुपए डकार गया था शादाब

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मुठभेड़ में दबोचा गया शातिर शादाब अपने गैंग के सरगना मुनीर मेहताब को ही छह लाख रुपये की चपत लगा चुका है। रंगदारी वसूलने के बाद शादाब को मुनीर व आशुतोष मिश्रा तक रकम पहंुचाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वह खुद ही डकार गया। इससे गैंग में फूट पड़ गई। इसके चलते शादाब मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसके पकड़े जाने से गैंग के सक्रिय चार सदस्य भी फरार हो गए हैं। इन चारों के फोटो भी पुलिस ने जारी कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक शातिर अपराधी मुनीर मेहताब, आशुतोष मिश्रा और अतीउल्ला का संयुक्त गैंग है, जो आज भी अलीगढ़ में सक्रिय रहकर रंगदारी वसूलता है। मुनीर और आशुतोष तिहाड़ जेल में है, जबकि अतीउल्ला गौतमबुद्धनगर जेल में निरुद्ध है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले मुनीर गैंग ने कहीं से रंगदारी में छह लाख रुपये वसूले थे। गैंग के सकिय सदस्य शादाब आजमी ने ये छह लाख रुपये तिहाड़ जेल में गैंग सरगना मुनीर और आशुतोष तक पहंुचाने की जिम्मेदारी शादाब अंसारी निवासी जीवनगढ़ को दी थी। रुपये लेकर वह चला गया मगर रकम मुनीर तक पहंुचाने के वजाय खुद ही हजम कर गया। जब गैंग सरगनाओं तक रकम नहीं पहंुची तो उन्होंने यहां के सदस्यों को फोन पर हड़काया, तब पता चला कि शादाब अंसारी ने रुपये नहीं पहंुचाए हैं। इस पर उन्होंने शादाब अंसारी को फोन किए मगर उसने सभी के फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक अक्टूबर में गैंग के तारिक, शादाब आजमी, डीके, शाहिल और भरत चौहान आदि ने शादाब अंसारी के जीवनगढ़ स्थित घर पर पहंुचकर फायरिंग की थी। इस मामले में इन सभी के खिलाफ थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने भरत चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी अन्य फरार चल रहे हैं। भरत चौहान भाजयुमो नेता भी है। उसकी तरफ से भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। इधर, एक दिसंबर की रात सिविल लाइन पुलिस ने मुठभेड़ में शादाब अंसारी व हाशिम अली गिरफ्तार किया था। जबकि उसका एक साथी जावेद फरार हो गया था।

पुलिस के लिए मुखबिरी करता था शादाब

सूत्रों के मुताबिक शादाब अंसारी पुलिस के लिए मुखबिरी करता था। इसलिए उससे गलत धंधे कराने के लिए मुनीर गैंग से उसे जोड़ा गया था। गैंग के सदस्यों को पता था कि वह पुलिस का मुखबिर है इसलिए उसे कोई नहीं पकड़ेगा। इसके चलते ही उसे छह लाख की रकम सरगनाओं तक पहंुचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जब उसने धोखा दिया तो गैंग ने पुलिस अधिकारियों को शादाब अंसारी द्वारा की जा रही तमंचा तस्करी आदि की सूचना दे दी थी। इसके चलते पुलिस ने उसे मुठभेड़ में दबोच लिया। 0-जानलेवा हमले में शादाब के खिलाफ कोर्ट की शरण में पहंुचा पीड़ितऊपरकोट कोतवाली क्षेत्र के सराय रतनलाल निवासी शहनवाज ने भी अब शादाब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहनवाज ने बताया कि शादाब ने प्लाट के नाम पर उससे छह लाख रुपये ले लिए। जब पिछले दिनों वह उससे रुपये मांगने गया तो उसने और उसके भाइयों ने मारपीट करते हुए उस पर चाकू से हमला बोल दिया था। इस मामले में शादाब और उसके भाइयों के खिलाफ थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया मगर पुलिस ने उसके वारंट तामील नहीं किए। अब शहनवाज ने उसके खिलाफ वारंट तामील कराने के लिए कोर्ट में वाद दायर किया है। 0-गैंग के चारों सदस्य हुए फरारपुलिस के मुताबिक शादाब अंसारी के पकड़े जाने के बाद मुनीर गैंग के सक्रिय चार सदस्य फरार हो गए हैं। पुलिस ने उनके फोटो भी जारी कर दिए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। 0-जानलेवा हमले में हाजिर नहीं हुआ मुनीरशातिर मुनीर मेहताब के बचाव पक्ष के अधिवक्ता इरफान गाजी के मुताबिक वर्ष 2018 में जमालपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर पर हुए जानलेवा हमले में मुनीर और आशुतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला एडीजे-13 में चल रहा है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई के लिए तारीख तय थी, मगर मुनीर और आशुतोष हाजिर नहीं हुए। अब इस मामले में सुनवाई के लिए 18 जनवरी की तारीख तय की है।0

शातिर मुनीर गैंग के सदस्यों द्वारा रंगदारी वसूलने की बात सामने आई है। गैंग से जुड़े दो लोगों को पिछले दिनों गिरफ्तार किया जा चुका है। किसी की भी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गैंग के जो सदस्य सक्रिय हैं उनकी भी तलाश कराई जा रही है। -आकाश कुलहरि, एसएसपी

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