जुबैर के दोनों हिस्ट्रीशीटर भाईयों की तलाश तेज, कुर्की की भी तैयारी

Newswrap हिन्दुस्तान, अलीगढ़
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Aligarh News - 24 दिसंबर को गैंग ने एएमयू कैंपस में गोलियों से भूनकर की थी एएमयू शिक्षक की हत्या, शिक्षक हत्याकांड के बाद जुबैर समेत तीनों भाईयों पर हुआ था एक लाख रु

जुबैर के दोनों हिस्ट्रीशीटर भाईयों की तलाश तेज, कुर्की की भी तैयारी

अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में शिक्षक दानिश राव की गोलियों से भूनकर हत्या में फरार चल रहे मुनीर के करीबी रहे जुबैर के मारे जाने के बाद पुलिस ने अब उसके दोनों भाईयों की तलाश तेज कर दी है। जुबैर ने अपने दोनों भाईयों से ये हत्या कराई थी। हालांकि जुबैर खुद मौके पर मौजूद नहीं था। इस घटना के बाद तीनों भाईयों पर एडीजी स्तर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ था। इस बीच पुलिस जुबैर और उसके भाईयों के बरला स्थित घर पर फरारी का नोटिस चस्पा कर चुकी है। कुर्की की भी तैयारी है।

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमीरनिशा रोड स्थित खयावान हिलाल (कोठी राधा वीडी) हसन मंजिल निवासी दानिश राव एएमयू के एबीके ब्याज हाईस्कूल में कंप्यूटर टीचर थे। 24 दिसंबर की रात को कैनेडी हॉल के पास स्कूटी पर आए नकाबपोश बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। दानिश के भाई डॉ. राव फराज वारिस ने मुकदमा दर्ज कराया था। एक सप्ताह में पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए सलमान को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। पूछताछ में उसने बताया था कि अक्टूबर 2018 में शाहबेज पुत्र अजमत की हत्या हुई थी। इसमें सलमान के साथी जुबैर व अन्य जेल गए थे। सलमान व इनके साथियों को शिक्षक दानिश पर मुखबिरी करने का शक था। इसी का बदला लेने के लिए बरला क्षेत्र के गांव नौशा निवासी आरोपी फहाद, यासिर उर्फ यासर व सलमान ने दानिश की हत्या की योजना बनाई। फहाद व यासिर दिल्ली के ओखला में रह रहे थे। सलमान ने 23 दिसंबर 2025 को दोनों को बुलाया, जो पिस्टल लेकर आए थे। उन्हें अपने फ्लैट में रखा। इन्हीं दोनों शूटरों ने दानिश पर गोलियां चलाई थीं। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।ससुर पूर्व विधायक, चचिया ससुर पूर्व जिपं अध्यक्षदानिश मूलरूप से बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके ससुर मोहम्मद उल्लाह मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा सीट से पूर्व विधायक हैं, जबकि चचिया ससुर फिजा उल्लाह चौधरी मुरादाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। दानिश के भाई एएमयू में ही इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाते हैं। मां भी शिक्षिका रह चुकी हैं।मुनीर के गिरोह को ऑपरेट कर रहा था जुबैरजुबैर ने मुनीर के साथ मिलकर पान दरीबा में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या और उससे पिस्टल लूटी थी। बाद में उस पिस्टल से जुड़े विवाद में जुबैर ने मुनीर के साथ मिलकर अपने ही भाई सद्दाम की भी हत्या कर दी थी। मुनीर के जेल जाने के बाद जुबैर ही मुनीर के गिरोह को ऑपरेट कर रहा था।तीनों भाई बरला थाने के हिस्ट्रीशीटरजुबैर, यासिर व फहद तीनों भाई बरला थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। रेलवे मजिस्ट्रेट की हत्या के दौरान लूटी गई पिस्टल सद्दाम ने रख ली थी। इसे लेकर मुनीर व जुबैर ने उसे भी मार दिया था। इस घटना में जेल गए एक युवक ने पूरी बात बताई थी। उसी दौरान जुबैर पर जिले में 10 से अधिक लूट की घटनाएं खोली थीं। जुबैर पर कुल 22 मुकदमों दर्ज हैं। इसके अलावा मुनीर के साथ दिल्ली में कई घटनाएं भी दर्ज हैं। वहीं, उसके बड़े भाई फहद पर हमला, लूट, रंगदारी जैसे 12 मुकदमे व यासिर पर सात मुकदमे दर्ज हैं।

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