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26 जनवरी, 2020|11:18|IST

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नवजात की मौत का मामला : इंसपेक्टर ने सीएमओ का तहरीर लौटाया

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छह जनवरी को एटा चुंगी के पास स्थित जय भोलेनाथ हास्पिटल में नवजात के मामले में सीएमओ ने गांधी पार्क थाने में तहरीर दी थी। मगर इंस्पेक्टर ने तहरीर पर सीएमओ का हस्ताक्षर न होने और घटना स्थल क्वार्सी थाने में होने का कारण बताकर तहरीर को वापस कर दिया। तहरीर वापस आने के बाद सीएमओ ने संशोधन कर मुकदमा दर्ज करने के लिए क्वार्सी थाने को भेज दिया है। चंडौस के ग्राम टिकरी निवासी संदीप ने अपनी गर्भवती पत्नी नीतू को प्रसव पीड़ा पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। छह जनवरी को हालत नाजुक होने पर चिकित्सक ने मेडिकल कालेज रेफर कर दिया था। यहां से आशा मरीज को एंबुलेंस से लेकर मेडिकल कालेज के लिए तो रवाना हुए। मगर वह पहुंचे जीटी रोड एंटाचुंगी पर जय भोलेनाथ नाम से चल रहे अवैध नर्सिंगहोम में लेकर पहुंच गए। यहां अप्रशिक्षित स्टाफ के आपरेशन करने के कारण नवजात की मौत हो गई। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने जीटी रोड बोरना में स्थित अवैध रूप से संचालित जय भोलेनाथ हास्पिटल के संचालक, एंबुलेंस कर्मी अक्षय कुमार व कृष्ण कुमार व आशा को दोषी करार दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने इन सभी पर मुकदमा दर्ज करने के लिए 15 जनवरी को तहरीर गांधी पार्क थाने को भेज दिया। मगर कुछ कमियां और घटना स्थल क्वार्सी थाने में पड़ने के कारण इंस्पेक्टर शंभूनाथ सिंह ने तहरीर वापस कर दिया। तहरीर वापस आने का कारण जानकर सीएमओ कार्यालय ने उसमें संशोधन कर पुन: क्वार्सी थाने को तहरीर भेज दिया है। एसीएमओ वीके शर्मा ने बताया कि तहरीर क्वार्सी थाने को भेज दी है। जल्द ही मुकदमा पंजीकृत हो जाएगा।

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  • Web Title:Newborn death case Inspector returns CMO s Tahrir