नीट परीक्षा रद होते ही बिखर गए सपने
- छात्रों ने कहा, एक झटके में मेहनत पर फिर गया पानी, अभ्यर्थियों के सामने भविष्य और फीस दोनों का संकट

अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। सुबह तक जिन आंखों में डॉक्टर बनने का सपना चमक रहा था, शाम होते-होते उनमें मायूसी उतर आई। नीट परीक्षा रद होने की खबर ने हजारों छात्रों और उनके परिवारों को झकझोर दिया। वर्षों की तैयारी, लाखों रुपये की कोचिंग फीस, परिवार की उम्मीदें और लगातार पढ़ाई का दबाव, सब कुछ अचानक अधर में लटक गया। किसी ने जेवर गिरवी रखकर बेटे को कोचिंग कराई थी तो किसी ने रिश्तेदारों से उधार लेकर किताबें खरीदी थीं। अब सवाल यही है कि आखिर इन टूटे सपनों का जिम्मेदार कौन है? जिले में दो हजार से अधिक छात्रों ने नीट परीक्षा की तैयारी की थी। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की है, जो 2022 से लगातार तैयारी कर रहे थे। शहर के कई कोचिंग सेंटरों के बाहर बुधवार को उदास चेहरे दिखाई दिए। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से यही पूछते नजर आए कि अब आगे क्या होगा। रामघाट रोड निवासी छात्रा साक्षी शर्मा ने बताया कि उसने पिछले तीन वर्षों से सोशल मीडिया, त्योहार और पारिवारिक कार्यक्रम तक छोड़ दिए थे। रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई की, लेकिन अब ऐसा लग रहा है जैसे सब कुछ बेकार हो गया। साक्षी की मां ने बताया कि बेटी की कोचिंग के लिए परिवार ने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए हैं। वहीं क्वार्सी क्षेत्र के छात्र आदित्य ने कहा कि पिता ने बैंक से कर्ज लेकर कोटा में कोचिंग कराई थी। परीक्षा रद होने की खबर सुनते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। आदित्य ने कहा कि मानसिक दबाव इतना बढ़ गया है कि अब दोबारा उसी ऊर्जा से तैयारी कर पाना आसान नहीं होगा.
माता-पिता की उम्मीदें भी टूटीं
कई अभिभावकों ने भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बच्चों ने दिन-रात मेहनत की, लेकिन व्यवस्था की खामियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए गहने तक गिरवी रखे थे।
भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद होने से एक एग्जाम नहीं टला, पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कई छात्र मानसिक तनाव में हैं। अभिभावकों ने सरकार से जल्द स्पष्ट निर्णय लेने और छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की है.
इनका कहना है
दो साल से किराये पर कमरा लेकर तैयारी कर रहा था। यह परीक्षा दूसरी बार दी थी। फिर पता चला कि परीक्षा रद हो गई। पता नहीं अब आगे क्या होगा।
राहुल यादव
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परीक्षा रद होने से ऐसा लग रहा है कि सब कुछ व्यर्थ ही गया। परीक्षा की तैयारी के लिए दिन-रात एक कर दिया। पारिवारिक कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली थी।
सोनू यादव
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दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अलीगढ़ शाखा के अध्यक्ष डॉ. भरत वार्ष्णेय व सचिव डॉ. अभिषेक सिंह ने परीक्षा रद होने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि तीन मई को परीक्षा हुई थी, जिसका पेपर राजस्थान में लीक हो गया था। लाखों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। सभी को फिर से ये परीक्षा देनी होगी। प्रकरण की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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