खुलासा: मुनीर के करीबी जुबैर ने शूटर भाईयों ने कराई थी दानिश की हत्या, एक दबोचा
Aligarh News - 24 दिसंबर को एएमयू कैंपस में शिक्षक दानिश राव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की साजिश जुबैर ने रची, जिसे पहले 2018 में एक हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। आरोपी सलमान ने शूटरों को पनाह दी और घटनास्थल पर छोड़ने में मदद की। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

- 24 दिसंबर को एएमयू कैंपस में गोलियों से भूनकर की थी एएमयू शिक्षक की हत्या - साल 2018 में सिविल लाइन क्षेत्र में हुई शाहबेज की हत्या में जेल गया था जुबैर - उसी हत्याकांड में शिक्षक पर मुखबिरी का था शक, पांच माह पहले जेल से छूटा - शूटरों को घर में पनाह देने वाला व उन्हें कार से बॉर्डर पार कराने वाला गिरफ्तार अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक की गोलियों से भूनकर हत्या का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया। इस हत्या की साजिश पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी रहे मुनीर गैंग के करीबी हिस्ट्रीशीटर जुबैर ने रची थी।
हालांकि जुबैर खुद मौके पर मौजूद नहीं था। उसके दोनों शूटर भाईयों ने गोलियां चलाई थीं। पकड़े गए आरोपी ने दोनों को अपने घर में ठहराया था। साथ ही घटनास्थल के पास छोड़ने और वापस बॉर्डर क्रास कराने में सहयोग किया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार साल 2018 में हुए शाहबेज हत्याकांड में जेल गए जुबैर को शिक्षक पर मुखबिरी का शक था। इसीलिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमीरनिशा रोड स्थित खयावान हिलाल (कोठी राधा वीडी) हसन मंजिल निवासी दानिश राव एएमयू के एबीके ब्याज हाईस्कूल में कंप्यूटर टीचर थे। 24 दिसंबर की रात को कैनेडी हॉल के पास स्कूटी पर आए नकाबपोश बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। पास आकर कहा था कि अब तू पहचानेगा मैं कौन हूं। मामले में दानिश के भाई डॉ. राव फराज वारिस ने मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने गुरुवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि घटना के खुलासे के लिए थाना सिविल लाइन व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग नगर की संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। एएमयू परिसर और उसके आसपास के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। इसमें एक संदिग्ध स्कूटी नजर आई। पूर्व में हुए विवाद व सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले गए। इस आधार पर बीबी विल्डिंग अमीरनिशा-गोश्त वाली गली सिफत रेजीडेंसी निवासी सलमान पुत्र मुतीक कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। उसके फोन की सीडीआर व घर की सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो सामने आया कि एक दिन पहले दो लोग उसके घर आए थे। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त कार व आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी (बिना नंबर प्लेट) को गभाना से बरामद किया गया। स्कूटी किसकी है, इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। पार्किंग में खड़ी कर रखी थी स्कूटी, गभाना में फेंककर भागे : पूछताछ में आरोपी बताया कि अक्टूबर 2018 में शाहबेज पुत्र अजमत की हत्या हो गई थी। इसमें सलमान के साथी जुबैर व अन्य जेल गए थे। सलमान व इनके साथियों को शिक्षक दानिश पर मुखबिरी करने का शक था। इसी का बदला लेने के लिए बरला क्षेत्र के गांव नौशा निवासी आरोपी फहाद, यासिर उर्फ यासर व सलमान ने दानिश की हत्या की योजना बनाई। फहाद व यासिर फिलहाल दिल्ली के ओखला में रह रहे हैं। सलमान ने 23 दिसंबर को दोनों को बुलाया जो पिस्टल लेकर आए थे। सलमान ने दोनों को अपने फ्लैट में रखा था। इन्होंने एक स्कूटी मेडिकल रोड से पहले फ्लैट की पार्किंग में खड़ी कर रखी थी। घटना वाले दिन सलमान ने फहाद व यासिर को मेडिकल रोड पर अपनी कार से छोड़ दिया। इसके बाद दोनों शूटरों ने दानिश की गोली मारकर हत्या कर दी। वहां से स्कूटी से पुरानी चुंगी वाले पुल पर आए, जहां पहले से मौजूद सलमान ने फहाद को अपनी गाड़ी में बिठा लिया। यासिर स्कूटी से गभाना टोल तक गया। गभाना टोल से पहले यासिर ने स्कूटी को सड़क किनारे खाई में फेंक दिया। फिर तीनों कार से ओखला (दिल्ली) भाग गए। मृतक दानिश के ससुर पूर्व विधायक, चचिया ससुर पूर्व जिपं अध्यक्ष : दानिश मूलरूप से बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के रहने वाले थे। उनके ससुर मोहम्मद उल्लाह मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा सीट से पूर्व विधायक हैं, जबकि चचिया ससुर फिजा उल्लाह चौधरी मुरादाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। दानिश के भाई एएमयू में ही इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाते हैं। मां भी शिक्षिका रह चुकी हैं। ये रहे पुलिस टीम में शामिल : सरेराह एएमयू में हुए हत्याकांड ने खलबली मचा दी थी। ऐसे में अधिकारी खुद टीमों को लीड कर रहे थे। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, सीओ तृतीय सर्वम सिंह के नेतृत्व में टीम में इंस्पेक्टर सिविल लाइन विनोद कुमार, एसआई सचिन कुमार, नरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल वीकेश कुमार, अवनीश कुमार, कांस्टेबल सनीष कुमार, टिंकू शामिल रहे। के अलावा सहयोगार्थ टीम में एसआई विनय कुमार, नटवर सिंह, प्रिन्सुभ मौतला, आकाश शर्मा, कुलदीप सिंह, मनोज कुमार, सुगंध प्रताप, मनवीर शामिल भी थे। ------------------------
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