
फैक्ट्री एक्ट की जटिलताओं से त्रस्त उद्यमियों ने सौंपा ज्ञापन
Aligarh News - अलीगढ़ में सूक्ष्म उद्योगों के उद्यमियों ने फैक्ट्री एक्ट की जटिलताओं से परेशान होकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने धारा 85 में संशोधन की मांग की, जिससे कर्मचारियों की सीमा 5 से बढ़ाकर 20 की जा सके और पॉलिशिंग, ग्रेडिंग, बफिंग जैसे कार्यों में लगे कर्मचारियों की गिनती में छूट मिले।
अलीगढ़, संवाददाता। सूक्ष्म उद्योगों पर फैक्ट्री एक्ट की जटिल बाध्यताओं से परेशान उद्यमियों ने धारा 85 में संशोधन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी के नेतृत्व में व्यापारी सहायक निदेशक कारखाना कमलेश चंद कन्नौजिया से उनके पंचायत भवन स्थित कार्यालय में मिले। उद्यमियों ने कहा कि सूक्ष्म उद्योगों पर फैक्ट्री नियम लागू होने से उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री लाइसेंस के लिए विभागीय आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाना और 21 पृष्ठों के प्रमाणपत्र जैसी जटिल प्रक्रियाएं सूक्ष्म उद्यमियों के लिए व्यावहारिक नहीं हैं।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय वार्ष्णेय ने धारा 85 में सरल संशोधन किए जाने की मांग उठाई। कोषाध्यक्ष श्रीकृष्ण गुप्ता ने कहा कि शॉप एक्ट में वर्ष 2025 और फैक्ट्री एक्ट में वर्ष 2017 में संशोधन हो चुके हैं, लेकिन धारा 85 (पॉलिशिंग, बफिंग, ग्रेडिंग) में कर्मचारियों की सीमा आज भी केवल 5 तक सीमित है। जबकि इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। महामंत्री घनश्याम दास जैन ने मांग की कि धारा 85 में कर्मचारियों की सीमा 5 से बढ़ाकर 20 की जाए तथा मिश्रित उद्योगों में पॉलिशिंग, ग्रेडिंग, बफिंग जैसे कार्यों में लगे कर्मचारियों को परिसर की कुल संख्या में अलग से न जोड़ा जाए। इससे सूक्ष्म उद्योगों को राहत मिल सकेगी। इस मौके पर संतोष कुमार वार्ष्णेय, अमित अग्रवाल, गर्वित माहेश्वरी, दाऊ दयाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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