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20 जनवरी, 2021|12:10|IST

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हिन्दुस्तान मिशन शक्ति: बेटियां करें शिक्षा के हथियार से करें कुरीतियों का खात्मा

हिन्दुस्तान स्कूल संवाद का आयोजन बुधवार को मुरसान के जीएसएएस उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय में किया गया। यहां अतिथियों ने शिक्षा के माध्यम से बेटियों को कुरीतियों से लड़ने के बारे में जागरुक किया। उन्हें सही समय पर सही कदम उठाए जाने व व गलत सही में अंतर समझने की बातों पर जोर दिया। वहीं महिला हेल्पलाइन के बारे में बेटियों को विस्तार से जानकारी दी। 
आयोजित स्कूल संवाद कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्टे्रट पीपी मीणा ने मां सरस्वती के छवि चित्र पर दीप प्रज्जवलित किया। उनके साथ बीडीओ मुरसान ज्योति शर्मा, जिला महिला कल्याण अधिकारी मोनिका गौतम, बाल संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा, सहायक विकास अधिकारी सुनहरी लाल गौतम, गांव नगला धर्मा के परिषदीय स्कूल की प्रधानाचार्य व समाजसेवी ओमवती गुप्ता मौजूद रहीं। जीएसएएस उच्चतर माध्यमिक कन्या इंटर कालेज प्रधानाचार्य डा. अहिंसा नाइटिंगिल आर्य ने सभी का पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया। कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं को योजनाओं व हेल्पलाइन नम्बर से संबंधित सरकारी पम्फ्लेट का वितरण किया गया। वहीं उन्हें इनके प्रयोग को लेकर जागरुक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता के उद्देश्यों के बारे में छात्राओं को बताया गया। महिला शक्ति के अंतर्गत महिला सम्मान, महिला सुरक्षा व आत्मनिर्भर होने को लेकर अतिथियों ने संबोधन किया।


कमजोर महिलाओं की मीडिएटर बने छात्राएं 
जिला महिला कल्याण अधिकारी मोनिका गौतम ने स्कूल संवाद को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें सबसे पहले मिशन शक्ति के उद्देश्यों को समझना है। क्या आज की नारी सुरक्षित नहीं है, क्या आज की नारी कमजोर है। अगर नहीं तो फिर अभियान क्यों चलाए जा रहे हैं। बताया कि ये कार्यक्रम उनके लिए है जिनके मन में ये है कि वे कमजोर हैं। सबसे पहले आपको अपने मन से ये बात निकालनी होगी। तब स्वत: ही आपके भीतर एक शक्ति आएगी और आप अपनी आवाज उठा पाएंगी। वहीं आपको सिर्फ खुद जागरुक नहीं होना, बल्कि अपने आसपास की कमजोर महिलाओं को भी जागरुक कर ताकतवर बनाना है। आपको एक मीडिएटर के रूप में काम करना है। इस जिम्मेदारी को समझने पर ही महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने संवाद में हेल्पलाइन के साथ ही वन स्पाट सेंटर, कन्या सुमंगला योजना आदि के बारे में विस्तार से बताया। 

सरकारी योजना लेने में महिलाएं काफी पीछे 
संवाद में बाल संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन इसलिए किया जा रहा है महिलाएं अपनी ताकत को नहीं पहचान पा रही। वहीं वे सरकारी योजनाएं लेने में काफी पीछे हैं। जबकि उनके लिए तमाम कानून बने हैं। फिर भी उनका शोषण हो रहा है। इस शोषण की वजह आपके अंदर का डर है। हमें व आपको मिलकर ये डर निकालना है। कहा कि शोषण की शुरुआत एक साथ नहीं होती, धीरे-धीरे आप शोषण की शिकार होती हैं। बात अगर बेटियों की करें तो इसकी शुरुआत स्कूल से घर जाने वाले रास्तों पर होती है। इन रास्तों पर अक्सर तमाम प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन बेटियां इसका विरोध नहीं करती। अक्सर उनकी बातों में आ जाती हैं और धीरे-धीरे शोषण की ओर चली जाती हैं। लड़कों के साथ कहीं चली जाती हैं और वहां से उनके शोषण की शुरुआत होती है। बहुत सारी बेटियों के अंगों तक को बेच दिया जाता है। आपको अपनी कमजोरी को पहचान उसे ताकत में तब्दील करना है। शोषण की शुरूआत में ही अपनी आवाज उठानी है और उसे वहीं  खत्म कर देना है। 

आत्मनिर्भर बनने के लिए त्याग बहुत जरूरी 
गांव नगला धर्मा स्थित परिषदीय विद्यालय की प्रधानाचार्य व समाजसेवा में अग्रणी रहने वाली ओमवती गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपके लिए तमाम सरकारी योजनाएं एवं हेल्पलाइन जारी की हैं, लेकिन आपको अपनी सुरक्षा कैसे करनी है, सम्मान कैसे पाना है, आत्मनिर्भर कैसे बनना के बारे में सोचना होगा। आत्मनिर्भर बनने के लिए त्याग करना बहुत जरूरी है। मेरे साथ ही यहां बैठी सभी अधिकारियों ने त्याग कर ही ये स्थान पाया है। वहीं जरूरी है कि आप सपने देखें, लेकिन ये सपने सोते हुए नहीं बल्कि दिन में जागती आखों से देखे। जागती आंखों से देखे गए सपने हमेशा साकार होते हैं। समाज की कुरीतियों से बचने के लिए सबसे पहले अपने माता-पिता के वफादार बने। उनसे ऊपर कुछ नहीं है, लेकिन हम ऐसा नहीं करते और गुमराह होते हैं। इसमें आपके रिश्तेदार आपके करीबी ही आपका शोषण करते हैं, ऐसे लोगों को दूर रहने के लिए गुड टच व बैड टच को समझना जरुरी है। हर एक स्पर्श आपके भीतर एक अहसास पैदा करता है। इस अहसास को पहचानें की वो कैसा है। स्पर्श कहां किया जा रहा है। कुछ भी असहज लगे तो शेयर जरुर करें, विरोध जरुर करें। आत्मनिर्भर बनने के लिए आप जूड़ो कराटे सीखें और कुछ नहीं तो सुनसान रास्तों पर होने वाली घटनाओं से बचने के लिए अपने पैन अपने बस्ते को ही हथियार के रूप में प्रयोग करें। सबसे बड़ी बात पढ़ाई से मुंह न मोड़ें, पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें, तब ही आप सफल हो पाएंगे। 

गलती से डरिए, गलत से नहीं 
संवाद में मौजूद खण्ड विकास अधिकारी मुरसान ज्योति शर्मा ने कहा कि पुरातनकाल से ही नारी शक्ति रही है। शक्ति का प्रतीक दुर्गा हैं, धन का लक्ष्मी, विद्या की मां सरस्वती, फिर नारी कमजोर कैसे हो सकती है। कल व आज का ये अंतर आपको दूर करना है। आपको सही व गलत में फर्क करना सीखना है। जिस दिन आप इस फर्क को समझ जाएंगे उस दिन आपके मन में बसी कमजोरी या डर निकल जाएगा। संवाद कराए जाने का भी उद्देश्य आपके भय को निकालना है। आप गलती से डरिए, गलत से नहीं। आपको समझना होगा कि कब क्या निर्णय लेना है। जब आप गलत के खिलाफ खड़े होंगे तो गलत आगे नहीं बढ़ेगा। आपको पहले खुद इसका सामना करना है फिर भी अगर दिक्कत है तो अपनों से कहें अपनी आवाज उठाएं। फिर भी दिक्कत है तो हेल्पलाइन का प्रयोग करें, ये आपके लिए ही हैं। इसके साथ ही आपको अपनी शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। बेटी अगर कुपोषित है या अशिक्षित है तो इसका प्रभाव तीन पीढ़ियों पर डालती है। वहीं अगर वह स्वस्थ्य है और शिक्षित है तो भी तीन पीढ़ियों तक इसका सकारात्मक असर रहता है। अपने साथ होने वाले हर एक गलत का सामना करें, जवाब दें। ध्यान रखें कि हम बदलेंगे तो जग बदलेगा। 

अपने अंदर की शक्ति को जगाने का उचित समय
संवाद में प्रभारी बीडीओ मुरसान सुनहरी लाल गौतम ने कहा कि ये समय अपने अंदर की शक्तियों को जगाने का है। शासन प्रशासन आपके साथ है, ये उचित समय हैं जब आप फिर पहले की भांति शक्तिशाली होगीं। उदाहरण देते हुए कहा कि बृज में नारी होली पर एक पूर्व से ही लाठियां चलाए जाने की प्रैक्टिस करती हैं, त्योहार पर भी उनकी शक्ति साफ तौर पर दिखती है, आप कमजोर नहीं हैं, सिर्फ अंदर की शक्ति को जगाना है। लंका में माता सीता ने एक मात्र तिनके से रावण को भयभीत कर दिया था। हम कर्मचारी संगठन में भी नारी शक्तियों को काफी महत्व देते हैं। उनसे हमारा संगठन काफी मजबूत होता है। क्योंकि आज नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। बात अगर सुरक्षा की करें तो सरकारी व गैर सरकारी सेक्टर में महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के लिए बकायदा कमेटियों का गठन किया जाता है। इन कमेटी में महिलाओं के साथ होने वाले शोषण को प्रमुखता से उठाया जाता है। हालात ये हैं कि जहां ये कमेटियां सक्रिय हैं वहां महिलाओं के शोषण होने की घटनाएं न के बराबर हो रही हैं। 

बेटियो की शिक्षा से खत्म हो रही समाज की कुरीतियां
स्कूली छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पीपी मीणा ने कहा पुराने समय में नारी को शक्ति माना गया, लेकिन बदलते समय में इस शक्ति पर अतिक्रमण कर लिया गया या उनसे उनकी शक्ति छीन ली गई। इन शक्तियों को अब पुन: जागृत करने का उन्हें ये शक्तियां लौटाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। बेटियों का स्वास्थ्य व शिक्षा वाकई काफी अहम है, ये बात सही है कि इसका असर तीन पीढ़ियों पर रहता है। उनकी शिक्षा ही समाज में व्याप्त कुरीतियों का खात्मा कर रही हैं। ये कुरीतियां ही हैं, जिसमें महिला घर में सुबह जल्दी उठती है, सबके लिए खाना बतानी है, उन्हें खिलाती है फिर सबसे अंत में खाती है। रात में  भी वह सारे काम निपटा कर सबसे अंत में ही सोती है, खाना कम बचता है तो कम खाती है, नहीं बचता तो ऐसे ही सो जाती है। इसलिए उन्हें अधिक स्वस्थ्य रहने की जरुरत है। वह अपना ध्यान नहीं रख पाती। एक विदेशी प्राइवेट कम्पनी के अध्ययन के अनुसार भारत की 27 फीसदी महिलाएं काम करती हैं, ये आंकड़ा बंगलादेश में 67 फीसदी व चाइना में 78 फीसदी है। हमारे देश में अगर ये आंकड़ा 27 से 37 फीसदी हो जाए तो विकास दर में 1.5 फीसदी से अधिक का इजाफा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बेटियां पढ़ेगी तो कुरीतियां स्वत: ही खत्म हो जाएंगी। उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में बाल विवाह का आंकड़ा 48 फीसदी था, जो गिरकर अब 23 फीसदी हो गया है। 

संवाद से छात्राओं को मिलेगी नई ऊर्जा
संवाद में स्कूल की प्रधानाचार्य अहिंसा नाइटिंगिल आर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार व हिन्दुस्तान अखबार की ओर से आयोजित इस संवाद से छात्राओं में नई ऊर्जा उत्पन्न होगी। हमारे कॉलेज का सौभाग्य है कि एक मंच पर एक साथ जनपद के इतने अधिकारियों ने बेटियों को सम्बोधित किया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को यहां मौजूद महिला अधिकारियों से प्रेरणा मिल रही है कि वे यहां तक पहुंची। वे किसी भी अधिकारी का फैमली बैकग्राउंड नहीं जानती, लेकिन ये समझ आया है कि अपनी शिक्षा, अपनी मेहनत से वे यहां तक पहुंची हैं। बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको अपने घर, पड़ोस या स्कूल में भी कुछ गलत लगता है तो उसे अवश्य बताएं। जिनके आप करीब हैं, जिनपर आप विश्वास करते हैं मां, पिता, शिक्षक उसे इसके बारे में अवश्य बताएं। आप अपने लिए नहीं बल्कि अपने आसपास की कमजोर महिलाओं के लिए काम करें, उनकी सूचना हेल्पलाइन नम्बर पर दें, अहम है कि सूचना देने वाली महिला की पहचान गुप्त रखी जाती है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी का आभार प्रकट किया।
 

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  • Web Title:Hindustan Mission Shakti Daughters should eradicate evils with the weapon of education