कथा के श्रवण से मन के विकार होते हैं दूर
Aligarh News - धौर्रा पालन गांव में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने कलश धारण कर पथवारी मंदिर तक यात्रा की। कथा व्यास महेशचंद्र जी महाराज ने कथा का प्रवचन दिया और भक्ति, सत्संग तथा मानव जीवन के महत्व पर चर्चा की।

लोधा, संवाददाता। विकास खंड के गांव धौर्रा पालन में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सुबह के समय बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव में भ्रमण करते हुए गांव के पथवारी मंदिर के समीप स्थित कथा पंडाल तक पहुंचे। कलश यात्रा के दौरान ग्रामीणों के श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा के समापन के बाद कथा व्यास महेशचंद्र जी महाराज ने प्रथम दिन की कथा का प्रवचन किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है।
कथा के प्रथम दिन उन्होंने भक्ति, सत्संग और मानव जीवन की सार्थकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है और इसका उद्देश्य ईश्वर भक्ति, सदाचार और परोपकार के मार्ग पर चलना है। भागवत कथा के श्रवण से मन के विकार दूर होते हैं और आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान व आयोजक ठा. धर्मवीर सिंह हैं। मौके पर ठा. धर्मवीर सिंह, ठा. सुरेंद्र सिंह, सुधीर ठाकुर, हरिओम ठाकुर, राजवीर सिंह, राजकुमार सिंह, टीटू ठाकुर, रमेश सिंह, नेम सिंह आदि मौजूद रहे।
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