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1 अक्तूबर, 2020|12:10|IST

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घरों में अता की गई पहले जुमे की नमाज

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कोरोना संकट के चलते लागू किए गए लॉकडाउन पार्ट 2 के बीच मुस्लिम धर्म में सबसे पवित्र माने जाने वाले रमजान माह का आज सातवां रोजा है, साथ ही रमजान माह का पहला जुमा भी है।ऐसे में लॉकडाउन के चलते रोजेदारों घरों में रहकर ही रोजा रखकर पहले जुमे की नमाज अता कर खुदा की इबादतें की।

रमजान माह में शुक्रवार को पहले जुमे पर रोजेदारो ने घरों में ही नमाज अता की। रमजान माह में आने वाले जुमे का काफी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक उलेमाओं ने भी लोगों से घरों में रहकर ही जुमे की नमाज अदा करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की अपील की थी। जिसके चलते मस्जिदों में केवल इमाम, खादिम ने ही नमाज अता कर मुल्क की सलामती की दुआएं की। शहर मुफ़्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि खुदा की इबादत कहीं भी की जा सकती है। मन में खुदा को याद करके भी हम इबादत कर सकते हैं। देशवासियों से अपील है कि वह इस विपदा की घड़ी में धैर्य बनाये रखे। कोई ऐसा काम न करें जिससे मुल्क को नुकसान हो।

पहली बार रमजान में मस्जिदें सूनी

आमतौर पर रमजान माह का मुस्लिम धर्म में काफी महत्व है, इबादतों के इस माह का लोग साल भर इंतजार करते हैं। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रमजान माह में काफी रौनक देखने को मिलती है। तड़के ही लोग रोजा रखने के लिए सेहरी करते हैं और उसके बाद दिन भर इबादत करतें हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते मस्जिदों में सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने की बजाए लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने घरों में ही रहकर इबादतें और तिलावतें कर रहे हैं।

रमजान के जुमे में होती थी भीड़

वहीं रमजान माह के दौरान आने वाले जुमे की नमाज में काफी भीड़ देखने को मिलती थी,लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। 25 मार्च से शुरू हुए रमजान माह के दौरान इस बार 4 जुमे आएंगे। सबसे आखिर में अलविदा जुमा आएगा, जिसकी इस्लाम में काफी विशेषता है। लेकिन इन दिन बाजार सुने पड़े हैं।