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फास्टफूड और पेस्टीसाइड ने बनाया अलीगढ़ के युवाओं को कैंसर का मरीज

जीवनशैली में बदलाव के चलते अब युवा भी तेजी से कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इस बढ़ती बीमारी के मुख्य कारण पेस्टिसाइड, फास्टफूड और स्मोकिंग हैं।

अलीगढ़ का युवा तेजी से कैंसर की चपेट में आ रहा है।  साल भर के आंकड़ों पर गौर करें तो 25 से 40 साल की उम्र के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इनमें पुरुषों में सबसे ज्यादा मरीज मुंह के कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर के सामने आए हैं।  

एएमयू के मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जहां 1650 मरीज सामने आए थे, इस साल 3000 से अधिक मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है। वहीं यहां इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या केवल 1729 है। बाकी मरीज यकीनन दूसरे शहर व अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरेपी विभाग के चेयरमैन प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी की मानें तो पेस्टिसाइड, केमिकल, फास्टफूड, ट्रांसफैट व स्मोकिंग के कारण कैंसर के मामले ज्यादा बढ़ रहे है। देर से शादी और बच्चे को स्तनपान न कराने के कारण महिलाएं ब्रेस्ट व ओवरी कैंसर की चपेट में आ रही हैं। सबसे ज्यादा मरीज मुंह और ब्रेस्ट कैंसर के शिकार हो रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अलीगढ़ में पिछले एक साल में ऐसे मरीजों की संख्या दो गुना हुई है। इनमें युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। डॉ. सिद्दीकी के मुताबिक यह कहना गलत है कि कैंसर होने पर मृत्यु निश्चित है। शुरुआती दौर में ही इसका इलाज करा लिया जाए तो अंकुश पाया जा सकता है। संयमित जीवनशैली अपनाने से बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2016 के मुकाबले 2017 में कैंसर के मरीजों में तेजी से वृद्धि हुई है। 

क्या है कैंसर 

शरीर की कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन और इनके लगातार बढ़ने और फैलते रहने की वजह से कैंसर होता है। कैंसर शरीर के अन्य भागों में सिहो अथवा खून के प्रवाह के जरिए फैल सकता है। 

कैंसर को लेकर दूर करने होंगे ऐसे भ्रम 

-कैंसर कभी ठीक नहीं हो सकता, यह हर स्थिति में जानलेवा है। 

-कैंसर की जांच बायोप्सी करने से कैंसर और फैल जाता है। 

-कैंसर के मरीज के साथ रहने और खाने पीने से कैंसर हो सकता है। 

-कैंसर का इलाज अभी तक नहीं खोजा जा सका है। 

-तम्बाकू एवं मद्यपान का कैंसर से कोई सम्बंध नहीं है। 

-कैसर जिन व्यक्ति को होना होता है, हो जाता है। 

ये है वजह

-80 प्रतिशत कैंसर रहन-सहन व खानपान से 

-तम्बाकू, गुटखा, पान मसाला, ध्रूमपान, मोटापा 

-शराब का सेवन 

-कैंसर का इलाज संभव है व उपलब्ध है। 

-अधिक चिकनाई व मांस का सेवन 

-भोजन में साग, हरी सब्जी व फलों का अभाव 

-व्यक्तिगत सफाई का अभाव 

-अनेक व्यक्तियों से शारीरिक सम्बंध 

कैंसर के लक्षण 

-कैंसर शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। 

-शरीर के किसी भी भाग पर गांठ या ना भरने वाला घाव होना 

-बोलने, निगलने में कठिनाई होना 

-सांस लेने में दिक्कत आना 

-मुंह से खून आना 

-मुंह में सफेद या लाल धब्बा होना 

-महिलाओं में छाती में गांठ होना 

-तिल या मस्से की संख्या बढ़ना 

-शौच व मूत्र की आदत में अस्वाभाविक बदलाव होना 

कैंसर का उपचार 

-सर्जरी 

-कीमोथेरेपी 

-रेडियोथेरेपी 

अलीगढ़ में इस कैंसर के ज्यादा शिकार हो रहे मरीज 

पुरुष वर्ग में

-मुंह का कैंसर 

-फेफड़े का कैंसर 

-बड़ी आंत का कैंसर 

महिला वर्ग में 

-ब्रेस्ट कैंसर 

-बच्चेदानी का कैंसर 

-सर्वाइकल कैंसर 

मेडिकल कॉलेज में कैंसर का इलाज कराने वाले मरीज 

वर्ष संख्या 

2013 1445 

2014 1597

2015 1652

2016 1690

2017 1729

सबसे ज्यादा मरीज मुंह के कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के शिकार हो रहे हैं। इसकी मुख्य वजह गलत खानपान और साफ-सफाई का अभाव है। चिंताजनक बात यह है कि कैंसर अब युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। 2016 के मुकाबले 2017 में मरीजों की संख्या दोगुना बढ़ गई है। 

-प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी, चेयरमैन, रेडियोथेरेपी विभाग, जेएनएमसी 

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  • Web Title:Fast Food and Pesticides become to youth Cancer patients in aligarh