ट्रेड डील को लेकर प्रदर्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति और पीएम का पुतला फूंका
Aligarh News - अमेरिका के साथ ट्रेड डील और जनविरोधी कानूनों का किसान-मजदूरों ने किया विरोध

अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को किसानों ने अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में लाल डिग्गी बिजली घर से मसूदाबाद स्थित एलआईसी मंडल कार्यालय तक प्रदर्शन रैली निकाली। एएमयू सर्किल पर अमेरिकी राष्ट्रपति व भारत के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। सुबह 11 बजे से ही लाल डिग्गी क्षेत्र में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों भाकियू, क्रांतिकारी किसान यूनियन, किसान सभा के किसानों के अलावा मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में झंडे, बैनर और मांगों से लिखी तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
भारी पुलिस बल ने बिजली घर के गेट पर रैली को रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसानों नेताओं के जद्दोजहद के बाद रैली आगे बढ़ गई। एएमयू सर्किल पर पहुंच कर अमेरिका की दलाली बंद करो नारे के साथ महिला किसानों के हाथ में थामे राष्ट्रपति ट्रंप-पीएम के पुतले आग के हवाले कर दिए। हालांकि मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन रोकने का काफी प्रयास किया। फिर दोबारा पुलिस ने रैली को रोकने का काफी प्रयास किया। किसान कलेक्ट्रेट पहुंचकर गेट पर ही बैठ गए और पुलिस के दुर्व्यवहार और स्थानीय मांगों को लेकर अधिकारी से वार्ता की मांग करने लगे। काफी देर बाद एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर मौके पर पहुंचे। समझाइश के बाद रैली तस्वीर महल चौराहे, नुमाइश ग्राउंड मुख्य मार्गों से गुजरी। पूरे रास्ते किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद, एमएसपी की कानूनी गारंटी दो और निजीकरण बंद करो जैसे नारे गूंजते रहे। रैली अंत में मसूदाबाद चौराहे स्थित एलआईसी मंडल कार्यालय पहुंची, जहां श्रमिक संगठनों द्वारा साझा धरना का समर्थन करते हुए संयुक्त एकजुटता सभा हुई। ट्रेड डील का उठाया मुद्दा सभा में वक्ताओं ने हाल में अमेरिका के साथ की जा रही अंतरिम ट्रेड डील का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि ऐसे व्यापार समझौते देश की कृषि व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और स्थानीय बाजारों को प्रभावित करते हैं। आरोप लगाया गया कि इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कृषि व्यापार और बीज क्षेत्र में बढ़त मिलेगी, जिससे छोटे व मध्यम किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि खेती पहले से ही संकट में है। डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक और बिजली की बढ़ती कीमतों ने लागत बढ़ा दी है, जबकि फसलों के दाम किसानों को राहत नहीं दे रहे। एमएसपी की कानूनी गारंटी न मिलने को उन्होंने किसानों के साथ अन्याय बताया। धरना प्रदर्शन में भाकियू हरपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल चौधरी, क्रांतिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत अलीगढ़, प्रदेश उपाध्यक्ष नगेन्द्र चौधरी, शकुंतला गांधी, मंडल प्रभारी सुरेशचंद्र गांधी, जिला उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह, सत्यवीर चौधरी, किसान सभा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल उपाध्याय, इदरीश मोहम्मद, भाकियू के जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह बाल्याण, जिला युवाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, नगर अध्यक्ष नसीम राजा, वीरकरण फौजी, निर्माण श्रमिक संगठन के अध्यक्ष रमेशचंद्र विद्रोही, यूपी बैंक इंप्लायज यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, जिला सचिव जितेंद्र कुमार, आल इंडिया लायर्स यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष ओपी शर्मा, स्टेट गवर्नमेंट इंप्लायज यूनियन के अध्यक्ष सुखवीर सिंह शामिल रहे।
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