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30 नवंबर, 2020|7:38|IST

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आवासीय क्षेत्र में चल रही एक्सपोर्ट यूनिट सील

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आवासीय क्षेत्र शक्ति नगर में शनिवार को एडीए की टीम ने एक्सपोर्ट यूनिट को सील कर दिया। यूनिट का प्राधिकरण से न नक्शा पास था और न ही भू-उपयोग परिवर्तित कराया गया था। कार्रवाई के दौरान यूनिट संचालक सहित व्यापारी नेताओं ने विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। जिसके चलते पुलिस को बुलाना पड़ गया।

गूलर रोड शक्ति नगर में एक्सपोर्टर प्रमोद कुमार अग्रवाल की आशा इंडिया नाम से फैक्टरी है। जहां डोरलॉक व ऑटो पार्ट्स तैयार होते हैं। तैयार माल एक्सपोर्ट भी होता है। एडीए के मुताबिक करीब ढाई बीघा क्षेत्र में पिछले काफी समय से चल रही इस फैक्ट्री का न तो नक्शा पास है और न ही इसका लैंड यूज चेंज कराया गया है। जिस स्थान पर फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। उसका आवासीय नक्शा पास है पर कॉमर्शियल यूज हो रहा है। बीते दिनों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी फैक्ट्री संचालक को नोटिस जारी किया था। वहीं एडीए द्वारा 17 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश नगर योजना व विकास अधिनियम, 1973 की धारा 14 व 15 के अंतर्गत बिना अनुमति प्राप्त किए जाने पर अवैध निर्माण को सील किए जाने का नोटिस जारी किया था।

आक्रोशित व्यापारियों ने की नारेबाजी :

एडीए की टीम शनिवार को ओएसडी आलोक गुप्ता के नेतृत्व में सीलिंग की कार्रवाई के लिए पहुंची। कार्रवाई का फैक्ट्री मालिक प्रमोद अग्रवाल ने विरोध करना शुरू कर दिया। सूचना दिए जाने पर व्यापार संगठन के पदाधिकारी भी आ गए। व्यापारी नेताओं के आते ही हंगामा बढ़ गया। आक्रोशित व्यापारियों ने प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना दिए जाने पर थाना बन्नादेवी व देहलीगेट की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने फैक्ट्री को सील कर दिया।

सील को तोड़ा, फिर दोबारा लगाई :

प्राधिकरण की टीम ने हंगामे के बीच फैक्ट्री को सील कर दिया। इससे गुस्साए कुछ व्यापारियों ने सील तोड़ डाली। जिसके बाद पुलिस फोर्स बुलाकर दोबारा से सील लगाई गई।

पूरे शक्ति नगर में चल रही फैक्ट्रियां हो सकती हैं सील :

गूलर रोड का शक्ति नगर क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र से कम नहीं है। यहां कई बड़े नामी एक्सपोर्टरों की यूनिटें हैं। इतना ही नहीं कई कारोबारियों ने तो इसी क्षेत्र में यूनिट लगाकर एक्सपोर्ट के क्षेत्र में मुकाम हासिल किया है। बेशक अब उनकी यूनिटें तालानगरी सहित अन्य जगह भी संचालित हैं, लेकिन कई यूनिट आज भी शक्तिनगर में चल रही हैं। शनिवार को एडीए द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह से कार्रवाई आगे भी जारी रही तो फिर पूरे शक्तिनगर में चल रहीं अवैध फैक्ट्रियां सील हो सकती हैं।

अधिकारियों पर सरकार की नीतियां फेल करने का आरोप :

अलीगढ़ व्यापारी संघर्ष समिति एवं संयुक्त व्यापार मंडल ने उद्योगों को चौपट करने एवं उनको बंदी के कगार पर लाने के लिए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की निंदा की है। संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मनीष अग्रवाल वूल व हरिकिशन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की सरकार आत्मनिर्भर भारत के तहत उद्योगों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही हैं, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी वामपंथी विचारधारा का परिचय देकर सरकार की नीतियों को फेल कर रहे हैं।

तो उद्योग बंद कर चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे :

संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक अनिल सेंचुरी व अन्नू बीड़ी ने कहा है कोरोना काल के अंदर व्यापारी पूर्ण रूप से टूट चुका है। उद्योगों पर बैंकों का कर्ज भी है जो कि वह चुकाने में भी इस समय असमर्थ हो रहा है। उसके बावजूद भी कुछ कर्मचारी अपनी हर हठधर्मिता का परिचय दे रहे हैं। यही हाल रहा तो अलीगढ़ व्यापारी संघर्ष समिति एवं संयुक्त व्यापार मंडल उद्योगों को बंद करवाकर चाबियां प्रशासन को सौंप कर दीपावली सड़कों पर मनाने के लिए मजबूर होगा।

शक्तिनगर गूलर रोड में संचालित आशा इंडिया फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी। इसका आवासीय नक्शा पास था, जबकि इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने हंगामा करते हुए बाधा डालने की कोशिश की। मामले में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

-आलोक गुप्ता, ओएसडी, एडीए।

1994 से फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। उस समय आबादी नहीं थी। वर्तमान समय में तो पुराने शहर में हजारों की संख्या में फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कर रही है और एडीए उद्योगों को उजाड़ने पर तुला हुआ है।

-सुबोध अग्रवाल, एक्सोपर्टर, आशा इंडिया।

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