Entry of city mufti in the case of Mayor drinking Ganges water - पूजा-पाठ में बैठने महापौर का हुआ ईमान खारिज : शहर मुफ्ती DA Image
6 दिसंबर, 2019|12:12|IST

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पूजा-पाठ में बैठने महापौर का हुआ ईमान खारिज : शहर मुफ्ती

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नौ नवंबर को स्मार्ट सिटी परियोजना के शिलान्यास के दौरान महापौर मो. फुरकान को सांसद की ओर से गंगाजल पिलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में अब शहर मुफ्ती ने कहा कि पूजा-पाठ में बैठने और गंगाजल पीने से महापौर का ईमान खारिज हुआ है। क्योंकि हमारे धर्म में पूजा-पाठ और गंगाजल पीने की इजाजत नहीं है।

शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी की योजना पर महापौर को आमंत्रित करना ठीक है। लेकिन, पूजा-पाठ के दौरान सांसद सतीश गौतम की ओर से गंगाजल पिलाने और टीका लगवाना उचित नहीं है। कहा कि हम इसका पूरी तरह से विरोध करते हैं। इस तरह का कृत्य बिल्कुल गलत और निदंनीय है। महापौर ने गंगाजल को आवे जमजम समझकर पिया है तो भी गलत है। महापौर ही क्या अन्य कोई भी व्यक्ति अगर गंगाजल पीता है तो उसका ईमान खारिज हो जाता है। क्योंकि अल्लाह ताला ने जिस चीज को तरजीह दी है वह सिर्फ आवे जमजम को दी है और किसी भी पानी को नहीं पी सकते। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी और पानी को हम नहीं मानते और पूजा पाठ की हमारे धर्म में कोई इजाजत नहीं दी गई है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम इसकी पूरी तौर पर मजम्मत करते हैं और यह बहुत गलत संदेश गया है। क्योंकि वह अलीगढ़ के प्रथम नागरिक भी हैं।

विवाद पैदा करना अनैतिक : सांसद प्रवक्ता

सांसद प्रवक्ता संदीप चाणक्य ने कहा कि एक समारोह में मेयर द्वारा गंगाजल ग्रहण किए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सांसद कार्यालय इस विवाद को पैदा करने वाले व्यक्तियों-संगठनों की कड़ी निंदा करता है। अति महत्वपूर्ण कार्य के शुरू होने के बाद इस प्रकार की अनैतिक घटनाएं क्यों की जा रही हैं। पंडित जी द्वारा किसा भी प्रकार का दवाब किसी भी व्यक्ति पर पूजा में शामिल होने के लिए नहीं बनाया गया। तमाम ऐसे मौके आते हैं कि जब हम लोग दूसरे धर्मों के कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। इसका यह मतलब नहीं कि हम उस धर्म के अनुयायी हो गए।

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