
नीदरलैंड में जाएगा अलीगढ़ का आलू, एग्रोनॉमिस्ट ने किया सर्वे
Aligarh News - नीदरलैंड के एग्रोनॉमिस्ट ने सिरावली गांव में आलू की जांच की। अब आलू प्रोसेसिंग के बाद विदेशों में सप्लाई होगा। किसानों को सैंटाना आलू का ऑर्डर दिया गया है, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा और अच्छी कीमत मिलेगी। कंपनी ने किसानों को आलू की रोगों से बचाने के उपाय भी बताए।
धनीपुर के गांव सिरावली में नीदरलैंड के एग्रोनॉमिस्ट ने जाकर आलू की जांच की n कृभकों की कंपनी में प्रोसेस होकर सीधे विदेश में सप्लाई होगा माल n किसानों को मिलेगा रोजगार, कंपनी देगी आलू का अच्छा दाम अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। अभी तक अलीगढ़ से आलू विदेशों में सप्लाई होता था। मगर, अब आलू प्रोसेस के बाद सप्लाई किया जाएगा। कृभको ने इसकी तैयारी की है। अलीगढ़ के किसानों को सैंटाना आलू का ऑर्डर दिया गया है। बुधवार को नीदरलैंड के एग्रोनॉमिस्ट ने सिरावली गांव में जाकर आलू की जांच की। कंपनी ने किसान प्रमोद कुमार वर्मा पुत्र स्व. मोती लाल वर्मा के खेत पर सैंटाना प्रजाति के आलू का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी, कृषि विज्ञान केंद्र छेरत के वैज्ञानिक डॉ. अशरफ अली, डॉ. अनंत कुमार ने प्रतिभाग किया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आलू में होने वाले रोगों को लेकर सचेत किया। साथ ही रोग कीट से बचाने के उपाय भी साझा किए। जिला कृषि अधिकारी ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि नई पीओएस मशीन में अंगूठा लगाकर ही खाद लें। खाद लेने के बाद बैग की संख्या मशीन में जरूर देखें। किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। इससे कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी। पहली बार प्रासेस होकर जाएगा आलू कृभको के प्रतिनिधि विवेक यादव ने बताया कि नीदरलैंड समेत अन्य देशों में आलू के उत्पाद का निर्यात किया जाएगा। शाहजहांपुर में कंपनी की प्रोसेसिंग यूनिट लग रही है। फिलहाल ट्रायल किया गया है। यहां पर सिरावली, हाथरस, एटा में किसानों को सैंटाना आलू का बीज दिया गया था। 35 दिन की फसल हो चुकी है। विदेशी कंपनी से एग्रोनॉमिस्ट डॉ. जार्ज ने खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ की मिट्टी और वातावरण इस प्रजाति के लिए उपर्युक्त है। भविष्य में किसानों को इस प्रजाति उत्पादन करके अत्यधिक लाभ मिलेगा। कृभको सीधे किसानों से इसकी खरीद करेगी। विवेक के मुताबिक आलू का उपयोग मुख्य रूप से फ्रेंच फ्राइज, चिप्स आदि बनाने में किया जाता है। एक बार ट्रायल काम कर गया तो किसानों को बहुत लाभ होने वाला है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




