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वोट पर चोट करने अमरीका से आए दंपत्ति

मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जहां एक ओर चुनाव आयोग, जिला प्रशासन जागरुकता अभियान चला रहा है। वहीं एक परिवार ऐसा भी है जो अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सात समंदर पार अमेरिका से आया है। इस दौरान उन्होंने हिन्दुस्तान से खास बातचीत में बताया कि मतदान से ही लोकतंत्र मजबूत होता है। देश के इस सबसे बडे़ उत्सव में प्रतिभाग किए बिना आखिर कैसे रह जाते।

स्वर्ण जयंती निवासी 65 वर्षीय चंद्रमणि वाष्र्णेय और 62 वर्षीय उनकी पत्नी चंचल वाष्र्णेय ने बताया कि वह अमेरिका अपने बेटे के पास गए थे, लेकिन जाने से पहले से ही 17 अप्रैल को वापसी की टिकट करा ली थी। उन्होंने बताया कि उनका पुश्तैनी कार्य कपड़ा व्यवसाय है। एक ही बेटा है विशाल जिसने बीटैक करने के बाद अमेरिका से ही एमबीए किया । जिसके बाद वहीं हाटोन शहर में नौकरी कर ली। बताया कि उनकी शादी गुरवीन से हुई है। बताया कि मूल निवासी अतरौली के रहने वाले है। बताया कि उनके आने का उदेश्य केवल अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करना है। अमेरिका से आने पर उनके बेटे और बहू ने उन्हें बहुत रोका लेकिन अपने मताधिकार का प्रयोग करना था इसलिए यहां पर आए। कहा कि एक एक वोट जरूरी है। पांच साल हम इंतजार करते हैं जिसके बाद यह दिन आता है जब हमें अपना जनप्रतिनिधि चुनने का मौक मिलता है। जोकि संसद में हमारी समस्याएं, प्राथमिकताओं को रख सके।

तीन पीढ़ी एक साथ करेगी मतदान

अलीगढ़। श्री कृष्ण सेवा संस्थान के संस्थापक प्रेम प्रकाश माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने 1955 में पहली बार बेसवां के टाउन एरिया में मताधिकार का प्रयोग किया था। जिसके बाद से वह आज तक निरंतर सांसद, विधायक, महापौर आदि चुनावों में मतदान करते आए हैं। जनपुरी निवासी प्रेम प्रकाश माहेश्वरी के बेटे प्रदीप माहेश्वरी, दो नाती डा.अनुज माहेश्वरी, डा.गोविंद माहेश्वरी है। इसके अलावा नातियों की बहुओं के साथ आज मतदान करने जाएंगे। तीन पीढ़ियों के साथ यह पूरा परिवार लोकतंत्र के इस बडे़ उत्सव को मताधिकार का प्रयोग कर मनाएंगे।

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  • Web Title:Couple from America to hurt vote