होलिका दहन को लेकर असमंजस, 4 मार्च को खेली जाएगी होली
Aligarh News - चंद्र ग्रहण के साथ शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों में बनी दुविधा, तीन मार्च सुबह 9:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक सूतक

अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। इस बार होलिका दहन पर लोग असमंजस में हैं। इस वर्ष के पहले चंद्रग्रहण की वजह से लोग भ्रमित हैं कि किस दिन और समय होलिका दहन करना होगा। हालांकि रंगभरी होली तो चार मार्च को ही खेली जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। अगर भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो लेकिन भद्रा मध्य रात से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के बाद जब भद्रा समाप्त हो तब होलिका दहन करना उचित रहता है। अगर भद्रा मध्य रात तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पूंछ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है।
लेकिन भद्रा मुख में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:55 बजे से शुरू होकर तीन मार्च को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। भद्रा दो मार्च से शाम 5:18 से सुबह 4:56 बजे तक रहेगी। होलिका दहन मुहूर्त दो मार्च को भद्रा पुच्छ में देर रात 12:50 बजे से 2:02 बजे तक और भद्रा समाप्त होने के बाद सुबह 4:56 बजे के बाद भद्रारहित काल में चंद्र ग्रहण के सूतक लगने से पहले पहले कर सकते है। 3 मार्च को सूतक सुबह 9:20 से लगेंगे, उससे पहले होलिका दहन कर सकते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि 3 मार्च में प्रवेश कर जाएगी। 4 को खेली जाएगी होली ज्योतिषाचार्य के मुताबिक 2026 का पहला चंद्र ग्रहण तीन मार्च को पड़ रहा है। यह एक ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत के कुछ हिस्सों में दिखेगा। ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। तीन मार्च को सूतक सुबह 09:20 बजे से शाम 06:46 बजे तक नौ घंटे का रहेगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ दो मार्च शाम 5:55 बजे होगा और तीन मार्च शाम 5:07 बजे पूर्णिमा तिथि का समापन होगा। होलिका दहन तीन मार्च मंगलवार को प्रदोष काल के दौरान शाम 06:46 बजे से रात 08:36 बजे तक कर सकते हैं। रंगभरी होली 4 मार्च को खेली जाएगी।

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