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ब्रिटिश इतिहासकार प्रोफेसर डॉ. फ्रांसिस को आज मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय सर सैयद अवार्ड

हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Newswrap
Sat, 16 Oct 2021 11:20 PM
ब्रिटिश इतिहासकार प्रोफेसर डॉ. फ्रांसिस को आज मिलेगा अंतर्राष्ट्रीय सर सैयद अवार्ड

-प्रख्यात भारतीय आलोचक व साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गोपीचंद को मिलेगा राष्ट्रीय अवार्ड

अलीगढ़। कार्यालय संवाददाता।

नामचीन ब्रिटिश इतिहासकार और लंदन विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई इतिहास के प्रोफेसर डा. फ्रांसिस क्रिस्टोफर रोलैंड राबिन्सन को अंतर्राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2021 और प्रख्यात भारतीय आलोचक और चिंतक, पद्म भूषण और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष, प्रोफेसर गोपी चंद नारंग को राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार 2021, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आनलाइन सर सैयद दिवस समारोह के दौरान 17 अक्टूबर को दिया जाएगा।

कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने प्रोफेसर असगर अब्बास, प्रोफेसर इश्तियाक अहमद ज़िल्ली, प्रोफेसर एआर क़िदवई, प्रोफेसर अली मुहम्मद नकवी, डा मुहम्मद शाहिद, तारिक हसन और प्रो एम शाफे किदवई पर आधारित ज्यूरी की सिफारिश पर दोनों नामों का चयन किया। वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार क्रमश: 2 लाख और 1 लाख रुपये की नकद राशि के साथ ऐसे प्रख्यात विद्ववानों को प्रदान किये जाते हैं। जिन्होंने सर सैयद अध्ययन, साउथ एशियन स्टडीज़, मुस्लिम मुद्दों, साहित्य, दक्षिण ऐशिया के इस्लामी इतिहास, सामाजिक सुधार, साम्प्रदायिक सौहार्द, पत्रिकारिता और अर्न्तधार्मिक संवाद के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किये हैं।

प्रोफेसर फ्रांसिस आक्सफोर्ड व वाशिंगटन विवि के विजिटिंग प्रोफेसर

-इंटरनेशनल सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड प्राप्त करने वाले प्रोफेसर फ्रांसिस क्रिस्टोफर रोलैंड राबिन्सन ने मुस्लिम दुनिया पर अपना शोध केंद्रित किया है और ‘द उलेमा आफ फरंगी महल एण्ड इस्लामिक कल्चर इन साउथ एशिया (नई दिल्ली: परमानेंट ब्लैक- 2001, लंदन: हर्स्ट-2002 लाहौर: फ़िरोज़संस-2002) और जमाल मियां: द लाइफ़ आफ़ जमालुद्दीन अब्दुल वहाब आफ़ फरंगी महल 1919-2012 (कराची: आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2018, नई दिल्ली, प्राइमस 2020) सहित 14 महत्वपूर्ण रचनाएं लिखी हैं। प्रोफेसर फ्रांसिस आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और वाशिंगटन विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर हैं।

प्रो. गोपीचंद को दुनिया भर में ख्याति प्राप्त

-राष्ट्रीय सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चयनित प्रोफेसर गोपी चंद नारंग एक सम्मानित साहित्यिक आलोचक और विद्वान हैं जो उर्दू और अंग्रेजी में लिखते हैं। उनकी हाल की पुस्तकों गालिब (आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस), उर्दू ग़ज़ल (आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस) और मीर तकी मीर (पेंगुइन) ने दुनिया भर में ख्याति प्राप्त की है। उन्होंने भाषा, साहित्य, कविता और सांस्कृतिक अध्ययन पर 60 से अधिक विद्वतापूर्ण और आलोचनात्मक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से अनेक पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में भी अनुवाद किया गया है। प्रोफेसर नारंग की शुरुआती पुस्तकों में हिन्दुस्तानी किस्सों से माखूज़ उर्दू मसनवियां (1961), उर्दू ग़ज़ल और हिन्दुस्तानी जहनों तहजीब (2002) और हिन्दुस्तान की तहरीके आजादी और उर्दू शायरी (2003) शामिल हैं।

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