ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश अलीगढ़एनजीटी के आदेश के विपरीत ईंट भट्ठे हो गए चालू

एनजीटी के आदेश के विपरीत ईंट भट्ठे हो गए चालू

फोटो.. -प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नहीं रोक पाया भट्ठों का संचालन -जिन...

एनजीटी के आदेश के विपरीत ईंट भट्ठे हो गए चालू
हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Wed, 28 Feb 2024 10:15 PM
ऐप पर पढ़ें

फोटो..

-प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नहीं रोक पाया भट्ठों का संचालन

-जिन भट्ठों को जारी था बंदी आदेश खनन विभाग ने जमा कराई रॉयल्टी

-खनन विभाग अवैध ईंट भट्ठों पर ईंट की पथाई रोक पाने में अक्षम

-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा अवैध ईंट भट्ठों की खनन विभाग को भेजी थी सूची

-खनन विभाग ने कहा पोर्टल से जमा हो जाती है रॉयल्टी, डीएम ने कहा कराएंगे जांच

अलीगढ़। कार्यालय संवाददाता

जनपद में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश के विपरीत ईंट भट्ठों का संचालन शुरू हो गया है। जिन ईंट भट्ठों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बंदी आदेश जारी था उन्होंने बी ईंट की पथाई कर ली। अतरौली तहसील में अवैध ईंट भट्ठे समय से पहले चालू हो गए, जिनको प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व प्रशासन ने बुधवार को पानी डालकर बंद कराया।

पिछले दो सालों से अलीगढ़ में ईंट भट्ठे केवल चार माह के लिए चलते हैं। एनजीटी ने अलीगढ़ में दिल्ली-एनसीआर के नियम को लागू किया है। यहां पर 126 ईंट भट्ठों को बंदी आदेश जारी किया गया है। जबकि 147 ईंट भट्ठे डिफाल्टर की श्रेणी में हैं। 324 ईंट भट्ठों को संचालन के लिए एनओसी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी की गई है। लेकिन बड़ी संख्या में ईंट भट्ठों ने रोक के बाद भी खनन कर ईंट की पथाई कर ली। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि खनन विभाग ने ईंट की पथाई क्यों नहीं रोकी। खनन रोकने की जिम्मेदारी खनन विभाग की है और संचालन रोकने की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की है। खनन शुल्क जमा कराने में भी लापरवाही हुई है। केवल जिगजैग व हाईड्रा ड्राफ्ट वाले ईंट भट्ठे ही चल सकते हैं।

अतरौली में बंदी आदेश के बाद भी चले ईंट भट्ठे

-अतरौली में बंदी आदेश के बाद भी ईंट भट्ठों का संचालन शुरू हो गया। जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी के आदेश के क्रम में निर्देश जारी किया था कि भट्ठे एक मार्च 2024 से संचालित होंगे। समय से पहले भट्ठे संचालित होने की वीडियो वायरल होने पर हड़कंप मचा रहा। बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें अतरौली पहुंच कर ईंट भट्ठों में पानी डालकर बंद कराया गया। हसेल ईंट उद्योग ग्राम लाले नगला आलमपुर अतरौली व राधा रानी ईंट उद्योग वर्तमान नाम खाटू श्याम ईंट उद्योग अतरौली को बंद कराया। यह दोनों भट्ठे अवैध हैं। इनको संचालन की अनुमति नहीं है।

डीएम ने एसडीएम व विभागीय अफसरों के साथ की बैठक

-डीएम विशाख जी ने बुधवार को ईंट भट्ठों का मामला गरमाने के बाद सभी तहसीलों के एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक की। कहा कि अवैध ईंट भट्ठे संचालित नहीं होने चाहिए। पुलिस प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इनको बंद कराए और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित करें। विभागीय अफसरों की कार्यशैली को लेकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि केवल वही भट्ठे चलेंगे जिनको एनओसी जारी है। सभी एसडीएम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की जिम्मेदारी तय की।

बोले डीएम

पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर प्रदूषण बोर्ड ने सूची भेजी है, फिर भी रॉयल्टी नॉन जिग जैग की जमा हुयी है तो संबन्धित पर कार्यवाही की जाएगी। विशाख जी., डीएम

अवैध भट्ठों की सूची खनन विभाग को भेजी गई थी। जिनको एनओसी नहीं दी गई है उन्होंने भी पथाई कर ली। अवैध भट्ठे संचालित होने की सूचना पर पानी डालकर बंद कराया गया। एनजीटी ने एक मार्च से भट्ठा संचालन का आदेश दिया है। इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए गए थे। 324 भट्ठों को एनओसी दी गई है। डा. जेपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

बोले ईंट निर्माता

अवैध ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगनी चाहिए। प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भट्ठों पर जांच के लिए आए तो संचालक दस्तावेज प्रस्तुत करें। अवैध भट्ठों पर भी ईंट की पथाई हो गई है जो नहीं होनी चाहिए थी। चौ. हेमेंद्र सिंह, महामंत्री ईंट निर्माता एसोसिएशन।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें