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अलीगढ़

पोस्ट कोविड मरीजों को सता रहा गठिया का दर्द

हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Published By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 09:00 PM
पोस्ट कोविड मरीजों को सता रहा गठिया का दर्द

- कोविड संक्रमण के शिकार हो चुके युवाओं में गठिया के लक्षण

- प्रतिदिन 10 से 12 पोस्ट कोविड मरीज सरकारी ओपीडी में आ रहे

अलीगढ़। कार्यालय संवाददाता

अर्थराइटिस यानी गठिया आज की बदलती जीवन शैली, मोटापा, गलत, खानपान आदि वजहों से बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। खास कर कोविड संक्रमण को मात दे चुके युवा व बुजुर्गों को यह परेशानी अधिक होने लगी है।

कोविड की दो लहर बीत जाने के बाद अर्थराइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ोतरी हुई है। यह संख्या सबसे अधिक पोस्ट कोविड मरीजों में देखने को मिल रही है। युवा हो या बुजुर्ग सभी को घुटने मं दर्द की शिकायत सबसे अधिक है। उसके बाद कमर और गर्दन में दर्द की शिकायत अधिक आ रही है। डॉक्टरों की माने तो कोविड संक्रमण के बाद लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हुई जिससे शरीर में विटामिन डी, कैल्शीयम की भारी कमी देखी जा रही है। साथ ही मरीजों में यूरिक एसिड की समस्या कॉमन हो गई है। ऑर्थो सर्जन, पूर्व सीएमओ डॉ. एसके वार्ष्णेय के मुताबिक वर्तमान में बुखार के साथ गठिया के मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को अधिक दवा न खाने की सलाह दी जा रही है। अधिक दवा के सेवन से गुर्दे पर असर पड़ सकता है। साथ ही पोस्ट कोविड मरीज घुटने के दर्द, कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या से अधिक परेशान है। ऐसे लोगों को धूप में 30 मिनट बैठने, गर्म पानी से सिंकाई का सलाह दिया जा रहा है। साथ ही एक्सरसाइज से अर्थराइटिस के दर्द को कम किया जा सकता है। जिससे दवाओं का सेवन अधिक नहीं करना पड़ेगा।

सर्दियों में बढ़ेगी दर्द समस्या

आर्थोपेडिक डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि अर्थराइटिस की समस्या 12 माह रहती है, लेकिन सर्दियों में यह बेहद घातक हो जाता है। इस सीजन में मरीजों की संख्या में भारी संख्या में बढ़ोतरी होती है। अर्थराइटिस का सबसे अधिक व घुटनों में और उसके बाद प्रभाव कुल्हे की हड्डियों पर पड़ता है। इससे बदन में और अकड़न महसूस होने लगती है। कभी कभी उनके हाथों, कंधों और घुटने में सूजन और दर्द रहता है और उन्हें हाथ मिलाने में तकलीफ होती

डिलीवरी के बाद महिलाओं में बढ़ी समस्या

गायनाकॉल्जिस्ट डॉ. अमृता सिन्हा के मुताबिक महिलाओं की डिलीवरी के बाद उनके शरीर का वजन बढ़ने लगाता है। जिसके कारण उनके शरीर का भार ज्वॉइंट पर आ जाता है। डिलीवरी से पहले और बाद में उनके शरीर की एक्टिवीटी न होने कारण अनावश्यक वजन बढ़ता है। मोटापा बढ़ने से थाइराइड फिर जोड़ों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है। डिलीवरी का इफेक्ट महिलाएं अक्सर इसे अनदेखा कर देती हैं, जिसके कारण यह समस्या अधिक बढ़ने लगती है।

क्यों होता है अर्थराइटिस यानी गठिया

अर्थराइटिस के लक्षण आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ विकसित होते हैं, लेकिन यह अचानक भी समस्या बन सकते है। इसके अलावा गलत एंगल से अधिक देर तक झुककर काम करना, सिर पर नियमित तौर पर वजन उठाना, झुककर कोई वजन उठाना, कंप्यूटर के सामने गलत तरीके से घंटों बैठे रहना, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करना, गर्दन झुकाकर घंटों काम करने से भी गठिया की शिकायत होती है। साथ ही उम्र के साथ उनमे शाररिक बदलाव भी एक वजह है। इसके अलावा रुमेटोइड अर्थराइटिस में मरीज के शरीर के में अंग अकड़ जाते हैं। इसी तरह यूरिक एसिड बढ़ने से भी गठिया (गाउट) की समस्या होती है।

बचाव के उपाय

- रोजाना संतुलित आहार लें अनियमित भोजन से बचें

- सर्दियों के मौसम बॉडी टेंप्रेचर को मैनेज रखें

- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, ये हड्डियों को कमजोर बनाता है

- साइकिलिंग से हड्डियों को मजबूत बनाएं

- स्वीमिंग को अपनाकर शरीर को तंदुरुस्त रखें

- जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करें तत्काल उपचार कराएं

- घुटने, कमर और गर्दन की प्रतिदिन गर्म पानी से सिंकाई करें

- गर्दन झुकाकर काम न करे, गर्दन की एक्सरसाइज करें

कोविड संक्रमण के बाद पोस्ट कोविड मरीजों की घुटने और कमर दर्द की शिकायत अधिक आ रही है। इम्यूनिटी कमजोर हो जाने से विटामिन डी, कैल्शियम की कमी देखने को मिल रही है। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। एक्सराइज पर ध्यान दें।

डॉ. एसके वार्ष्णेय, ऑर्थोपेडिक सर्जन व पूर्व सीएमओ

अर्थराइटिस यानि गठिया अब बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं रह गई है। कोविड काल में बीमारियों का रूप बदल गया है। बजुर्गों और वजन आदि बढ़ने के बाद होने वाली बीमारी के शिकार अब युवा भी हो रहे है। पोस्ट कोविड मरीजों में दर्द की समस्या अधिक है।

डॉ. अभिषेक सिंह, आर्थोपेडिक सर्जन

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