
जनपद के 419 गांव में डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था को ग्रहण
Aligarh News - पंचायत विभाग की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था नहीं चढ़ पाई परवान
अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। महानगर की तर्ज पर गांव में भी डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था अलीगढ़ में दो साल पहले शुरू की गई थी। शुरूआत कुछ चुनिंदा गांव से हुई। इसके बाद आकड़ा 81 गांव तक पहुंचा। अक्टूबर 2025 से पहले 81 गांव में डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था लागू थी। करीब 50 लाख रुपये यूजर चार्ज आया था। नवंबर 2025 में 419 गांवों में डोर टूर डोर व्यवस्था लागू की जानी थी, लेकिन वह काम पूरा नहीं हो पाया। स्थित यह है गांवों में डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था धराशायी हो गई है और गांवों में सड़क किनारे कूड़ा डंप हो रहा है।
अलीगढ़ के 500 गांवों का चयन किया डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए गया था। जिमसें 81 गांवों में व्यवस्था शुरू की गई है। सितंबर 2025 में बीडीओ, प्रधानों व सचिवों को बैठक कराने व कार्मिकों को ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए थे। ब्लाक स्तर व ग्राम पर इसका क्रियान्वयन किया जाना था। गांवों में कूड़ा उठान लिए कचरा कंचन केंद्र का निर्माण करा दिया गया। जहां पर कार्मिक कूड़ा लाकर डालेंगे। यहां से कूड़े को पृथक किया जाएगा। प्लास्टिक कचरे की बिक्री, गीले कूड़े से कंपोस्ट बनाने का काम होगा। पंचायतराज विभाग के तहत 1023 सफाई कार्मिक तैनात हैं जो गांवों में सफाई का कार्य कर रहे हैं। लेकिन कूड़ा उठान की व्यवस्था अधर में लटक गई। केवल 81 गांव तक ही यह सिमट कर रह गई। जनवरी 2026 तक व्यवस्था आगे नहीं बढ़ पाई। कचरा से कंचन केंद्र भी अक्रियाशील हो गए डोर टू डोर कूड़ा उठान को लेकर कचरा से कंचन केंद्र गांव में बनवाए गए थे और उनको सक्रिय किया गया था। लेकिन मौजूदा समय में वह अक्रियाशील हो गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का सपना देखा गया था, लेकिन वह साकार नहीं हो पाया। एक रुपये रोजाना शुल्क तय किया गया डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था को सुचारू चलाने के लिए प्रत्येक घर से एक रुपये यूजर चार्ज निर्धारित किया गया था। लेकिन यह व्यवस्था बीच में ही दम तोड़ गई। अब 81 गांव से भी कूड़ा उठान नहीं हो रहा है। कुछ गांव में ही डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था चल रही है। आवश्यकता के मुताबिक ई-रिक्शा की मरम्मत या नई ई-रिक्शा की खरीद जेम से खरीद की जानी थी। कूड़ा उठान व सफाई का रिकार्ड विकास खंड वाररूम, आईसीसी सेल बनाया गया था। गांव में सड़क किनारे फेंक रहे कचरा, फैल रही गंदगी गांव में स्वच्छ भारत मिशन की तस्वीर धुंधल दिखाई दे रही है। डोर टू डोर कूड़ा उठान के साथ सफाई व्यवस्था लचर है। पंचायतीराज विभाग का नियंत्रण सफाई पर नहीं है। सफाई कर्मचारी गांव में नहीं के बराबर आते हैं। अतरौली, गभाना, खैर, इगलास, दादों, बिजौली, अकराबाद, बिजौली, चंडौस, धनीपुर, गंगीरी, गोंडा, जवां सिकंदरपुर, लोधा, टप्पल, ब्लाक के गांवों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। 14 माह सफाई कर्मी नहीं आए अतरौली। स्वच्छ भारत मिशन को गांव सालारपुर में तैनात एक सफाई कर्मी पलीता लगा रहे हैं। गांव में कीचड़ और गंदगी के ढेर लगा है। यहां पर सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। गांव की गलियां बजबजा रहीं हैं। सड़क किनारे लोग कूड़ा डालते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान की लिखित आख्या के बाद ही सफाई कर्मचारी का वेतन निकाला जाता है। गांव से लेकर पंचायतीराज विभाग की सांठगांठ से गांवों में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। ग्राम प्रधान कविता देवी के पति मलखान सिंह ने बताया कि बार बार कहने के भी कर्मचारी अपने काम पर नहीं आते हैं। ब्लाक स्तर पर शिकायत का कोई असर नहीं है। दादों में गंदगी व जलभराव से ग्रामीण परेशान दादो। विकास खंड बिजौली के कस्बा बिजौली में रास्ते पर जल भराव व गंदगी की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। डोर टू डोर कूड़ा उठान तो दूर सफाई के लिए कर्मचारी तक नहीं आते हैं। प्रधान बनवारीलाल व ग्राम पंचायत विकासधिकारी अजयसंत के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया। कहा कि खराब रास्ते को लेकर ग्राम प्रधान को अवगत कराया गया है। ग्राम प्रधान ने अनसुना दिया। जलभराव के कारण आने जाने में परेशानी होती है। सफाई व जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी। इन्द्र जीत चौधरी, लाला राम, हरिकिशन, सुमित चौधरी, ओमबीर चौधरी, मनोज चौधरी, रामनिवास सिंह, हरपाल सिंह, माधव सिंह, सलीम खां, विनोद पौनिया, नेपाल सिंह, बच्चू सिंह मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अधिकारी अजयसंत ने बताया गांव बिजौली में जलभराव की समस्या संज्ञान में नहीं है। बोले अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 500 गांवों का चयन डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए किया गया था। लेकिन वह कुछ कमियों के कारण पूरा नहीं हो पाया। अब क्लस्टर के अनुसार इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। 272 कलस्टर हैं, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव स्तर पर जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसी सप्ताह होने वाली जिला स्वच्छता समिति की बैठक में रखा जाएगा। यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ अलीगढ़।

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