
बरसों से हिस्ट्रीशीटर का दंश झेल रहे 130 बुजुर्ग ‘आजाद’
संक्षेप: Aligarh News - - अलीगढ़ पुलिस ने 70 साल से अधिक उम्र वाले हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट की बंद, सभी बुजुर्ग अब पुलिस मित्र बनकर करेंगे काम
अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। उम्र 92 साल...। आखिरी मुकदमा साल 1960 में लिखा गया था। हिस्ट्रीशीट खुली, जिसके बाद हर माह थाने में हाजिरी लगानी पड़ती या अक्सर पुलिस घर भी आ जाती थी। अब पुलिस ने मुझे ‘आजाद’ कर दिया। अच्छे से बुढ़ापा कट जाएगा। ये कहना था शहर के सुजात अली, जो अब हिस्ट्रीशीटर के ‘दंश’ से मुक्त हो चुके हैं। अलीगढ़ पुलिस ने कुल 130 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीटर बंद कर दी है, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। ऐसे में अब इन्हें कोतवाली में हाजिरी नहीं लगानी पड़ेगी। लगातार अपराध में संलिप्त रहने वाले सक्रिय अपराधियों की पुलिस की ओर से हिस्ट्रीशीट खोली जाती है।

इसके बाद उन्हें थाने में हाजिरी लगानी पड़ती है। जिले में करीब ढाई हजार हिस्ट्रीशीटर हैं। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि हिस्ट्रीशीटरों की समीक्षा की गई, जिसमें पाया गया कि 130 ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। कुछ लोग 90 साल से ऊपर हैं, जिन्होंने 40-50 साल से कोई अपराध नहीं किया। सत्यापन के बाद ऐसे लोगों की हिस्ट्रीशीट खत्म करते हुए निगरानी बंद कर दी गई है। इनको समाज की मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया गया है। साथ ही इन्होंने भरोसा दिलाया गया कि भविष्य में कोई अपराध नहीं करेंगे। साथ ही अब पुलिस मित्र बनकर काम करेंगे। अगर इनके मोहल्ले या गांव में कोई भी गैरकानूनी कृत्य होता है, तो पुलिस को सूचना देंगे। सोमवार को पुलिस कार्यालय में सभी बुजुर्गों को बुलाया गया, जिसके बाद गोष्ठी आयोजित कर एसएसपी ने इन्हें ये जानकारी दी। इसके बाद सभी का पुलिस का धन्यवाद किया है। इस दौरान एएसपी व सीओ प्रथम मयंक पाठक मौजूद रहे।

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