
एडीए, सीडीओ, बीएसए सहित 17 पर करोड़ों बकाया, निगम करेगा तालाबंदी, बैंक खाते सीज
Aligarh News - सरकारी व गैर सरकारी बड़े बकायदारों पर नगर निगम का करोड़ों रूपए का टैक्स बकाया, केंद्रीय व शासकीय विभागों के बड़े बकायदारों के नाम निगम ने किये सार्वजनिक
0-किस पर कितना कुल बकाया 1. केन्द्रीय विभाग- ₹118675119.00 2. राजकीय विभाग- ₹275019071.00 अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम के सम्पत्ति कर में बकाएदारी पर व्यापारी व आमजन पर कार्यवाही करने बाद अब नगर निगम सरकारी विभागों पर कार्यवाही करेगा। एडीए, सीडीओ, बीएसए सहित 17 विभागों पर करोड़ों रूपए का टैक्स बकाया होने के चलते अब तालाबंदी व बैंक खाते सीज करने की कार्यवाही की जाएगी। बुधवार को नगर निगम ने सरकारी बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक किए। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि केन्द्रीय विभागों के अन्तर्गत रेलवे स्टेशन पर ₹86527428.00, सहायक आयुक्त केन्द्रीय उत्पाद शुल्क ₹32147691.00 सेवा प्रभार बकाया है।
वित्तीय वर्ष-2025-26 में नगर निगम सीमान्तर्गत राज्य सरकार के सरकारी भवनों के कई बड़े बकायेदार हैं। जिसमें दीवानी कचहरी पर ₹3340211.00, मुख्य विकास अधिकारी पर ₹ 32381917.00 महाप्रबन्धक भारत संचार निगम लिमि. पर ₹15835802.00, जिला निर्वाचन अधिकारी पर ₹5797838.00, अधि. अभि.मध्य गंगा नहर पर ₹28836438.00, अधि. अभि. लोक निर्माण विभाग पर ₹ 22156455.00, जिला कृषि अधिकारी पर ₹11874299.00, प्रधानाचार्य, नौरंगीलाल इंटर कालेज पर 1469055.00, उपाध्यक्ष, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण पर ₹ 5367112.00, अधि. अभि., नलकूप खण्ड प्रथम निर्माण खण्ड पर ₹ 2854391.00, प्रधानाचार्य, आईटीआई कालेज पर₹ 3524069.00, चिकित्सा अधीक्षक (डायरेक्टर), चाइल्ड वैलफेयर पर ₹ 1377177.00, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर ₹ 1481558.00, प्रबन्धक, जिला उद्योग (कार्यालय) पर ₹ 1704438.00, प्रबन्धक, उप्र सरकार परिवहन निगम, सारसौल पर ₹ 3858090.00 देय है। नगरायुक्त ने बताया कि जिन भवन स्वामियों द्वारा बार-बार नोटिस एवं बिल भेजे जाने के बावजूद संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 507, 508, 509, 512 एवं 513 के अंतर्गत भवन कुर्की एवं तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। 0-सम्पत्ति कर के सत्यापन को पहुंचे नगरायुक्त नगरीय क्षेत्र के विभिन्न भवनों पर लगने वाले आवासीय एवं व्यवसायिक संपत्ति कर के वार्षिक मूल्यांकन के संबंध में उपभोक्ताओं द्वारा दिये गए आपत्ति पत्रों पर संबंधित जोनल अधिकारी व कर अधीक्षकों द्वारा कार्रवाई की गई। कई भवनों पर वार्षिक मूल्यांकन टैक्स कम कर दिया गया, संपति कर के अचानक कम होने से ज़ोन-1 व ज़ोन-2 के कई प्रकरण नगर आयुक्त के संज्ञान में आये। नगर आयुक्त ने फिरदौस नगर, असदपुर कायम, जीवनगढ़, मानसरोवर, शमशाद मार्केट, रामघाट रोड पर कई सम्पतियों का निरीक्षण किया। ज़ोन-2 में कर अधीक्षक बेचन प्रसाद के साथ असदपुर कयाम पहुचे नगर आयुक्त ने ज़ोनल अधिकारी से सम्पति कर बिल में एरिया असदपुर व आपत्ति पत्र में साक्ष्य के रूप में बिजली के बिल व रजिस्ट्री में अग्रसेन नगर अंकित होने पर इसका कारण पूछा। नगर आयुक्त को सम्बंधित कर संग्रहक प्रभात को अंतिम चेतावनी देते हुए नवंबर के अंत तक 30 प्रतिशत वसूली करने की चेतावनी दी। वसूली में शिथिलता बरतने पर कारण बताओं नोटिस व वेतन रोकने के आदेश दिए। वही राजस्व निरीक्षक मयंक चौधरी को भी लक्ष्य के सापेक्ष वसूली करने की हिदायत नगर आयुक्त ने दी।

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