नगर निगम में इंजीनियरों की टोली निर्माण कार्यों में पकड़ेगी कमियां
Aligarh News - सड़क, नाली, नाला व पुलिया निर्माण की निगरानी को आए इंजीनियर, निर्माण विभाग में सात व जलकल विभाग में दो इंजीनियर तैनात किए गए

अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम में विभागों में खाली पदों व मैन पावर की कमी के चलते आउट सोर्स पर 10 इंजीनियर तैनात किए गए हैं। नगर निगम में बड़े पैमाने पर निर्माण व तकनीकी कार्य शुरू होने के चलते उनकी निगरानी के लिए अफसरों की कमी पड़ रही थी। इसको लेकर शासन की अनुमति के बाद नगर निगम को 10 इंजीनियर दिए गए हैं। निर्माण व जलकल विभाग में तैनाती दी गई है। यह इंजीनियर नगर निगम के कार्यों की निगरानी रखेंगे और विकास कार्यों को लेकर सर्वे करेंगे। नगर निगम में करीब 300 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य केवल निर्माण विभाग के अलग-अलग वार्डों में चल रहे हैं।
पिछले डेढ़ दो सालों में बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव को लेकर सड़क, नाला, नाली, पुलिया, इंटरलॉकिंग व शहर में अन्य सुधार को लेकर टेंडर जारी किए गए हैं। उक्त कार्यों की निगरानी के लिए निर्माण विभाग में अफसरों को समय नहीं मिल पाता था। इससे गुणवत्ता पर असर पड़ता था। अनुबंध के अनुसार एजेंसियां काम नहीं करतीं थीं। निर्माण विभाग में सात इंजीनियर तैनात किए गए हैं। निर्माण विभाग में चीफ इंजीनियर, एक एक्सईएन, तीन एई व चार जेई हैं। अब सातों इंजीनियरों को जोनवार जेई के साथ लगाया गया है। वह निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेंगे। उसकी रिपोर्ट निर्माण विभाग के साथ नगर आयुक्त को जाएगी। जिस एजेंसी की कमी मिलेगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जलकल विभाग के काम भी देखेंगे इंजीनियर जलकल विभाग नगर निगम का अहम विभाग है। गर्मियों में पानी की किल्लत पर परेशानी झेलनी पड़ती थी। नए नलकूप, ओवरहेड टैंक, हैंडपंप, भूमिगत जलाशय, पाइप लाइन लीकेज, नए स्थानों पर पानी पहुंचाने के लिए सर्वे करने के लिए जलकल विभाग के पास मैन पावर नहीं थी। जलकल विभाग में जीएम जल के अलावा एक जूनियर इंजीनियर की तैनाती है। विभाग में एक्सईएन, एई व दूसरे जूनियर इंजीनियर नहीं हैं। इससे अब आउट सोर्स पर आने वाले इंजीनियर से जलकल विभाग के कार्यों की गति बढ़ेगी। जल निगम व सीएंडडीएस की ओर से कराए जा रहे कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा महानगर में आवश्यकता के अनुसार पेयजल को लेकर सर्वे भी करेंगे। इंजीनियरों के आने से अफसर भी चौकन्ना इंजीनियरों के आने से नगर निगम के अफसर भी चौकन्ना हो गए हैं। सिविल व टेक्निकल पदों पर आए इंजीनियर सीधे रिपोर्ट नगर आयुक्त को भी करेंगे। इससे विभागीय अफसर भी कार्यों में पूरा ध्यान लगा रहे हैं। पहले साइटों पर निर्माण विभाग के अफसर नहीं जाते थे। ठेकेदार खुद ही दस्तावेज तैयार कर लाते थे और भुगतान हो जाता था। लेकिन अब एक-एक कार्य की निगरानी होगी और अनुबंध के अनुसार मिलने पर ही बिल का भुगतान होगा। बोले अधिकारी नगर निगम में मानव बल की कमी है। निगम का क्षेत्रफल तो बढ़ा, लेकिन उसके मुताबिक मैन पावर व संसाधन नहीं बढ़े। पिछले एक सालों में रिकार्ड निर्माण कार्य कराए गए और वर्तमान में टेंडर जारी किए जा रहे हैं। कार्यों की निगरानी के लिए आउट सोर्स पर 10 इंजीनियर की तैनाती की गई है। इंजीनियर निर्माण व जलकल विभाग के कार्यों की निगरानी करेंगे और विकास को लेकर सर्वे भी करेंगे। प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त।

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