अलीगढ़ से आगरा बेची गई लाखों रुपये की बिना बिल की दवाएं

Newswrap हिन्दुस्तान, अलीगढ़
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Aligarh News - आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद के ड्रग्स विभाग ने सप्लायर के यहां मारा छापा

अलीगढ़ से आगरा बेची गई लाखों रुपये की बिना बिल की दवाएं

अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। नकली दवाओं की बड़ी सप्लाई चेन से अलीगढ़ का नाम जुड़ने पर चार जनपदों के ड्रग्स अधिकारियों की टीम ने अलीगढ़ में छापेमारी की। बीते दिनों आगरा में लाखों रूपए की सिक्किम स्थित जायड्स कंपनी की दर्द निवारक ओक्लाजिम डीपी टेबलेट्स आगरा में बेची गईं। जिसका कनेक्शन अलीगढ़ से जुड़ा निकला। जिसके बाद विभाग ने कार्यवाही की। आगरा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और मथुरा की संयुक्त टीमों ने स्थानीय दवा कारोबारी, उसके बेटे व ड्राइ‌वर से करीब 12 घंटे कड़ी पूछताछ की। इनके कब्जे से दस्तावेज कब्जे में लेकर मामले की जांच जारी है।

जांच की प्रक्रिया

ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक लोधी के अनुसार पिछले दिनों आगरा में एक फर्म के यहां छापेमारी हुई, जहां भारी मात्रा में ऐसी दवाएं बरामद की गईं। जिन पर नामी कंपनी का लेबल लगा था। फर्म संचालक इन दवाओं का कोई भी बिल नहीं दिखा सका। जब दवा कंपनी जायड्स जो सिक्किम में संचालित है। इनका महाराष्ट्र (मुंबई) में मार्केटिंग ऑफिस है। इनसे संपर्क किया, तो पता चला कि इन दवाओं का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। आगरा में दवा बेचने वाले आरोपी से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूला कि यह माल उसने अलीगढ़ के एक दवा कारोबारी से खरीदा था। जिसके बाद मुख्यालय के निर्देश पर औषधि विभाग की चार टीमों शामिल अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा व अलीगढ़ के ड्रग्स इंस्पेक्टर के नेतृत्व में निरंजनपुरी स्थित सप्लायर दवा कारोबारी के घर पर क्वार्सी पुलिस के साथ छापा मारा। मंगलवार रात को इस संयुक्त ऑपरेशन के तहत टीम ने मुख्य संदिग्ध व उसके बेटे और ड्राइवर को हिरासत में लेकर थाना क्वार्सी ले गए। जहां रातभर पूछताछ की गई।

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0-सुबह छह बजे छोड़ा गया

टीम ने थाने में रातभर पूछताछ की। जिसके बाद बुधवार सुबह करीब छह बजे तीनों को छोड़ दिया गया है, लेकिन विभाग लिखित बयान लिए। इसके कुछ साक्ष्य टीम को ऐसे मिले हैं जिससे आगरा में सप्लाई की गई दवाओं से सप्लायर का कनेक्शन जुड़ा है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि नकली दवाओं की यह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट कहां स्थित है और इस सिंडिकेट में और कितने लोग शामिल हैं।

पहले से जुड़ चुका है नाम

औषधि निरीक्षकों की टीम ने अलीगढ़ के जिस थोक दवा कारोबारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की उसका नकली दवाओं के काले धंधे से पहले भी नाम जुड़ चुका है। पूर्व में फफाला से यह पूरा नेटवर्क चलता था। हालांकि अब फर्म ब्लैक लिस्टेड हो चुकी है। कई ब्रांडेड कंपनियों दवाओं को फर्जी लेबल लगाकर नकली दवाएं बेची जाती थी।

उत्तराखंड से कनेक्शन

जिस दवा कारोबार से पूछताछ की गई है, उसका कनेक्शन उत्तराखंड के एक बड़े नकली दवाओं के रैकेट को चलाने वाले मुखिया से जुड़ा हुआ है। इनके द्वारा रूड़की में भी फर्म लगाकर काम किया गया था। बताया जाता है कि जिलेभर में नकली दवाओं को संचालित करने वाले एक पूरा सिंडीकेट इनके द्वारा संचालित किया जाता है।

वर्जन

आगरा में मिली नकली दवाओं के तार अलीगढ़ से जुड़े हैं, जिस पर आरोपी से पूछताछ की गई है। अभी मामले की जांच चल रही है। आगरा के औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा सहित अन्य मामले की जांच कर रहे हैं।

- दीपक लोधी, औषधि निरीक्षक

सामान्य प्रश्न

अलीगढ़ में नकली दवाओं की सप्लाई चेन का क्या मामला है?
अलीगढ़ में नकली दवाओं की सप्लाई चेन का मामला तब सामने आया जब आगरा में लाखों रूपए की दवाएं बेची गईं, जिसका कनेक्शन अलीगढ़ से निकला।
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