
बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों की सदस्यता बहाल
Aligarh News - - फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार ने जारी किया आदेश, हाईकोर्ट के आदेश पर थी जांच
अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष समेत तीनों पदाधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर रहे फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार ने तीनों की बार की सदस्यता बहाल कर दी है। आदेश में कहा है कि गबन के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। चार जुलाई 2025 को दीवानी न्यायालय में हुई आम सभा की बैठक में पिछले कार्यकाल के पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह, पूर्व महासचिव विनोद रावत व पूर्व कोषाध्यक्ष विनोद यादव पर 36 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा था। अध्यक्ष की ओर से तीनों पूर्व पदाधिकारियों को बार की सदस्यता से आजीवन डिबार करने आदि निर्देश दिए गए थे।
तीनों सदस्यों ने आमसभा के निर्णय के खिलाफ यूपी बार कौंसिल के चेयरमैन के समक्ष प्रत्यावेदन दिया था, जिस पर उनके निष्कासित आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अक्टूबर में प्रकरण को चिट फंड सोसाइटी से संबंधित मानते हुए सोसाइटी में सुनवाई के निर्देश दिए थे। इस पर आगरा की फर्म्स सोसाइटीज व चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार बिपुल कुमार सिंह ने जांच की। उन्होंने आदेश जारी किया है, जिसमें संस्थान की नियमावली का उल्लेख किया गया है। कहा है कि आम सभा में संस्था द्वारा तीनों पूर्व पदाधिकारियों की सदस्यता समाप्त करने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। न ही पंजीकृत नियमावली के अनुरूप कार्यवाही प्रस्तावित की गई और न कोरम पूर्ण होने का उल्लेख किया गया। ऐसे में तीनों पूर्व पदाधिकारियों की सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रस्ताव नियमानुसार न होने के कारण स्वीकार करने योग्य नहीं है। उन्होंने बार को निर्देश दिए हैं कि तीनों के नाम सदस्यता सूची में शामिल कर साधारण सभा की अंतिम सूची एक सप्ताह में उनके कार्यालय में प्रस्तुत की जाए। उधर, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के संबंध में कहा है कि वित्तीय अभिलेखों के अभाव, जांच में सहयोग न किए जाने व कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे आरोपों की पुष्टि हुई हो। इसे लेकर पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह व पूर्व महासचिव विनोद रावत ने कहा कि हम शुरू से ही हर स्तर पर जांच को तैयार थे। सच की जीत हुई है। वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अभी लिखित में कोई आदेश नहीं मिला है।

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