DA Image
Saturday, November 27, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश अलीगढ़पुत्रवधु की मौत के बाद दहेज हत्या में फंसा अलीगढ़ का परिवार

पुत्रवधु की मौत के बाद दहेज हत्या में फंसा अलीगढ़ का परिवार

हिन्दुस्तान टीम,अलीगढ़Newswrap
Sun, 17 Oct 2021 09:50 PM
पुत्रवधु की मौत के बाद दहेज हत्या में फंसा अलीगढ़ का परिवार

अलीगढ़। कार्यालय संवाददाता।

राजस्थान के अलवर में पुत्रवधु की मौत के मामले में बेटे के जेल जाने के बाद अब अलीगढ़ में रहने वाला एक परिवार भी दहेज हत्या में फंस गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

बताया जा रहा है कि मामू भांजा निवासी बसंत शर्मा ने वर्ष 2016 में अपने बेटे राहुल की शादी अवंतिका कालोनी निवासी केंद्रीय सेवा से रिटायड्र कमलेश शर्मा की बेटी रूचि के साथ की थी। राहुल राजस्थान के अलवर में एक कंपनी में इंजीनियर था। सितंबर 2021 में रूचि की मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताडित कर हत्या का आरोप लगाया था। मामले में राजस्थान पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कमलेश शर्मा का आरोप कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा था। कुछ दिन बाद राहुल रुचि को अपने साथ लेकर भिवाड़ी के टपुकड़ा क्रिश सिटी स्थित आवास में ले जाकर रहने लगा। सितंबर माह में राहुल अलीगढ़ में अपने परिवार से मिलने आया था। 29 सितंबर को वापस लौट गए। उसके बाद राजस्थान जाकर रुचि के साथ मारपीट की गई। यह बात रूचि ने फोन कर परिजनों को बतायी थी। परिजनों ने फोन पर कहा था कि वह अलीगढ से चलकर सुबह राजस्थान पहुंच जाएंगे। आरोप है कि वहां पहुंचने से पहले ही बेटी की मौत हो गई। राजस्थान परिवार जब पहुंचा तो बेटी का शव फंदे पर लटका मिला था। कमलेश शर्मा की तहरीर पर टपुकड़ा थाने में राहुल के अलावा उनके पिता, मां व एक बहन के खिलाफ दहेज हत्या व साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। रुचि के भाई विनय अधिवक्ता है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को अपने साथ अलीगढ़ लेकर आए। रुचि की एक ढाई साल की बेटी है। उसको भी मायके पक्ष के लोग अलीगढ ले आये है। वहीं ससुराल पक्ष के बंसत शर्मा का कहना है कि बहू बेटे पर मां-पिता से संबंध खत्म करने का दबाव डालती थी। पुश्तैनी मकान बेचने की बात की थी। बेटे ने बहू के नाम से ही फ्लैट लिया था। बेटे के साथ ही बहू रहती थी। कोरोना होने के बाद भी हम लोगों के पास सेवा करने वाला कोई नहीं था। मायके पक्ष वालों ने मनगढ़ंत तरीके से मुकदमा कराया दिया है।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें