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बैंकों की हड़ताल से 800 करोड़ का कारोबार प्रभावित

वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर बुधवार को सरकारी बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। पहले दिन हड़ताल के चलते 800 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। महीने की आखिरी तारीख होने के कारण वेतन व पेंशन पर भी संकट खड़ा हो गया। बुधवार को घंटाघर स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के बाहर बैंक अधिकारी व कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते जनपद की सभी राष्ट्रीकृत बैंकों की 200 से अधिक शाखाओं में ताले पड़े रहे और लगभग 800 करोड़ रुपये का बैंक व्यापार प्रभावित हुआ। अलीगढ़ जनपद के लगभग 1500 अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। धरना प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में यूएफवीयू अलीगढ़ इकाई के संयोजक वीके शर्मा ने बताया कि यूनियन पिछले 15 वर्षों से लगातार यह मांग करती रही है कि एनपीए की वसूली के लिए कठोर कानून बनाए जाएं तथा जान बूझकर ऋण न चुकता करने वालों के विरुद्ध फौजदारी मुकदमे दायर किए जाएं। पर सरकारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। सभा को एसके दुबे, हीरा लाल मित्तल, प्रदीप सचान, अतुल सिंह, सुनील मेहरोत्रा, योगेन्द्र प्रताप सिंह आदि ने संबोधित किया। संयुक्त रूप से कहा कि कहा कि सरकार को हमारी न्यायोचित मांगों को मानना ही पड़ेगा वरना बैंकों की लगातार हड़ताल से आर्थिक चक्का जाम हो जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान शर्मिला कुलश्रेष्ठ, जगमोहन शर्मा, जीसी पालीवाल, महेश चन्द्र, कीर्ति कमल, रंजीत सिंह आदि शामिल रहे।

एटीएम पर रही निर्भरता, आज बढ़ सकती है परेशानी

बुधवार को बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों की निर्भरता एटीएम पर रही। सुबह से ही एटीएम के बाहर लोगों की लाइन देखी गई। शहर के एसबीआई, पीएनबी, ओबीसी, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंकों के एटीएम से लोगों ने ट्रांजेक्शन किया। आज गुरुवार को लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। यह हैं

मुख्य मांगें -दो प्रतिशत की जगह पर्याप्त वेतन वृद्धि हो -सभी स्केल, ग्रेड वेतन पुनरीक्षण में शामिल किए जाने चाहिए -बिना किसी देरी के 11वां वेतन पुनरीक्षण लागू किया जाए

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  • Web Title:800 crore business affected by strike of banks