रामबाबू चौधरी की पहल से जरुतमंद बच्चों के सपनों को लगेंगे पंख
शहर की वसुंधरा कॉलोनी निवासी रामबाबू ने 50 बच्चों का उठाया जिम्मा। इसके चलते वे बच्चे ओलंपियाड की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे और खुद को निखार सकेंगे।

समाजसेवी रामबाबू चौधरी ने समाज सेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। उन्होंने 50 आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भागीदारी का संपूर्ण दायित्व उठाया है। उनका संकल्प है कि धन के अभाव में कोई भी बच्चा शिक्षा या किसी प्रतियोगी परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
रामबाबू चौधरी ने बताया कि चयनित 50 विद्यार्थियों की परीक्षा जिम्मा उठाया है। ताकि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों से समझौता न करे। उन्होंने कहा है कि वह हिन्दुस्तान ओलंपियाड से लगातार जुड़े है। विद्यार्थियों के हित में हिन्दुस्तान की इससे अच्छी पहल नहीं हो सकती है। इसलिए लोगों को जरुरमंत बच्चों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। ताकि वह आर्थिक तंगी के कारण ऐसी परीक्षाओं से वंचित न रह पाए। उन्होंने कहा हर बच्चे के भीतर एक प्रतिभा छिपी होती है। यदि उसे सही समय पर अवसर और सहयोग मिले तो वही बच्चा भविष्य में अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकता है। हमारा प्रयास रहेगा कि इन 50 बच्चों की सफलता एक नई प्रेरणा बने और आने वाले समय में इस अभियान का दायरा और भी बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि वह समय समय पर बहुत पहले से ही ऐसे मिशनों में अपना सहयोग प्रदान करते हुए आ रहे है और आगे भी करते रहेंगे।


