नोएडा बवाल के बाद पूरे यूपी में अलर्ट, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली, DGP ने दिया आदेश
डीजीपी ने राजीव कृष्ण ने कहा कि जो असामाजिक तत्व जानबूझकर अराजकता फैलाने, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने तथा हिंसा-आगजनी के षड्यंत्र में लिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उप्र शासकीय तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।

Noida Bawal: नोएडा में श्रमिक आंदोलन से बिगड़ी स्थिति को देखते हुए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों व उनके आसपास पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के साथ ही शांति-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने नोएडा में स्थिति को सामन्य बनाने के लिए श्रमिकों, प्रबंधन पक्ष तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ निरंतर वार्ता कर समन्वय बनाने का निर्देश दिया है।
डीजीपी ने राजीव कृष्ण ने कहा कि जो असामाजिक तत्व जानबूझकर अराजकता फैलाने, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने तथा हिंसा-आगजनी के षड्यंत्र में लिप्त पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उप्र शासकीय तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। आरोपितों से क्षतिग्रस्त संपत्ति की वसूली भी होगी। डीजीपी व एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश पुलिस मुख्यालय स्तर से लगातार स्थितियों की निगरानी कर रहे हैं। नोएडा व आसपास के जिलों में पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
यातायात को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू
प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा तथा यातायात को सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किए जाने समेत अन्य निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। शासन ने श्रमिकों की बात को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुने जाने का निर्देश दिया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी भी पक्ष पर बल प्रयोग नहीं, बल्कि बातचीत, मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान को आगे बढ़ाना है। नोएडा व उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पर्याप्त संख्या में स्थानीय पुलिस बल, पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात हैं।
एसटीएफ को सौंपी गई डिजिटल ट्रेल की जांच
सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों पर भ्रामक, असत्य तथा उत्तेजक सूचनाएं प्रसारित कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। अब तक एक्स के दो हैंडल्स के विरुद्ध अफवाहें फैलाने के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। 50 से अधिक ऐसे बाट हैंडल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटों के भीतर बनाया गया है और जो नोएडा में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे पर अफवाह फैलाने और भ्रामक नैरेटिव गढ़ने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक संगठित षड्यंत्र लग रहा है। इन सभी हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच एसटीएफ कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना, वीडियो, पोस्ट या संदेश पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से दिए कड़े निर्देश
डीजीपी व एडीजी कानून-व्यवस्था ने सोमवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा के सभी थानाध्यक्षों, अधिकारियों तथा अन्य जिलों से नोएडा में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए भेजे गए राजपत्रित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि श्रमिक भाई-बहन पूर्ण शांति तथा संयम बनाए रखें। प्रदेश सरकार श्रमिक बंधुओं के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


