
अखिलेश का फेसबुक पेज बहाल, पोस्ट की JPNIC की फोटो; पहरे के बीच जेपी की प्रतिमा तक पहुंचा सपाई?
हर साल की तरह इस बार भी JPNIC पर शुक्रवार की रात से पुलिस तैनात है। टीन की शीट से गेट को सील किया गया है और बैरिकेडिंग भी की गई है। पिछले साल अखिलेश यादव लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर बैरिकेट कूदकर जेपीएनआईसी में घुस गए थे और माल्यार्पण किया था।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का फेसबुक पेज करीब 16 घंटे तक बंद रहने के बाद शनिवार की सुबह फिर से बहाल हो गया है। फेसबुक बहाल होते ही सुबह 10:06 बजे के करीब सपा मुखिया ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जेपीएनआईसी (JPNIC) की एक फोटो पोस्ट की जिसमें लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माला दिख रही है। पास में ही छात्र सभा लिखी एक लाल टोपी भी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फोटो के साथ अपनी पोस्ट में लिखा है- ‘सम्पूर्ण क्रांति से मेरा तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है।’— लोकनायक जयप्रकाश नारायण। इस फोटो के बाद सियासी गलियारों में सवाल उठने लगा कि जेपीएनआईसी पर कड़े पहरे के बीच सपा कार्यकर्ता ने लोकनायक की प्रतिमा तक पहुंचकर माल्यार्पण कैसे कर दिया। सोशल मीडिया में प्रतिमा के पास खड़े एक नेता की फोटो भी वायरल हो रही है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इसकी पुष्टि नहीं करता है।
बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी जेपीएनआईसी पर शुक्रवार की रात से पुलिस तैनात है। टीन की शीट से गेट को सील किया गया है और बैरिकेडिंग भी की गई है। पिछले साल अखिलेश यादव लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर बैरिकेट कूदकर जेपीएनआईसी में घुस गए थे और माल्यार्पण किया था। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी वह अपने समर्थकों के साथ यहां पहुंच सकते हैं।
अखिलेश यादव ने शनिवार की सुबह फेसबुक पेज खुलने के बाद की गई पहली पोस्ट में जेपीएनआईसी की माला वाली फोटो पोस्ट कर लोगों को चौंका दिया। यह फोटो सोशल मीडिया में भी वायरल है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इस फोटो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस बाहर पहरा देती रही और सपा के किसी छात्र नेता ने माल्यर्पण कर अपनी लाल टोपी अंदर छोड़ दी। बहरहाल, अखिलेश यादव की इस पोस्ट के बाद कमेंट बॉक्स में कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है तो कुछ ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा है कि अगर पेज को वापस नहीं किया जाता तो समाजवादी लोग सड़कों पर उतर जाते। कुछ लोगों ने फेसबुक मेटा को धन्यवाद भी दिया है।
85 लाख से अधिक हैं फालोअर
बता दें कि अखिलेश यादव के जिस फेसबुक पेज को लॉक किया गया था उस पर 85 लाख से अधिक फालोअर हैं। अखिलेश के लिए इसे कार्यकर्ताओं से संवाद और सोशल मीडिया पर आम लोगों तक पहुंच बनाने का बड़ा माध्यम माना जाता है।
कारण अब तक नहीं स्पष्ट
अखिलेश यादव का फेसबुक पेज बंद किए जाने को लेकर कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। उधर, समाजवादी पार्टी मीडिया सेल इसके लिए भाजपा के आईटी सेल को जिम्मेदार ठहरा रहा है। पार्टी के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर ऐसा हुआ। वहीं कई जानकारों का कहना है कि तकनीकी कारणों से ऐसा हुआ होगा।





