
‘न रिटायर होऊंगा, न होने दूंगा’ RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरएसएस के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया आई है। एक्स पर लिखा कि न रिटायर होऊंगा, ना होने दूंगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ आरएसएस के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बयान पर नई बहस छिडृ गई है। गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने रिटायरमेंट की उम्र को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह मैं कभी नहीं कहा कि 75 की उम्र में रिटायर हो जाना चाहिए। इस बयान पर समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि न रिटायर होऊंगा, ना होने दूंगा। जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिए। यह दोहरापन अच्छा नहीं है। अपनी बात पलटने वालों पर पराया तो क्या, अपना भी कोई विश्वास नहीं करता। जो विश्वास को देता है वह राज भी खो देता है।

आपको बता दें कि संघ शताब्दी वर्ष के मौके पर विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि 75 की उम्र में न तो वे खुद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं और न किसी को रिटायर होने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि मैं पद छोड़ दूंगा या किसी और को संन्यास ले लेना चाहिए। राजनेताओं के 75 वर्ष में सेवानिवृत्त होने के बयान पर उन्होंने कहा कि संगठन में स्वयंसेवक को कार्य सौंपा जाता है, भले ही वे चाहें या ना चाहें। संघ हमें जो कहता है, हम करते हैं। भागवत ने कहा, संघ काशी और मथुरा के आंदोलनों को समर्थन नहीं करता। स्वयंसेवक इसमें हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने कहा, संघ आरक्षण व्यवस्था को सही मानता है और इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हो चुका है।
मथुरा और काशी में मंदिर आंदोलन के मामले में भागवत ने कहा, संघ इससे जुड़े आंदोलन में नहीं जाएगा। हिंदू समाज आग्रह करेगा तो संस्कृति और समाज के हिसाब से स्वयंसेवक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर जगह मंदिर मत ढूंढो। संघ प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर एकमात्र ऐसा आंदोलन रहा, जिसका आरएसएस ने समर्थन किया है। महिलाओं से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ में महिलाओं की प्रभावी भूमिका है। केवल दोनों की शाखा अलग लगती हैं। महिलाएं हमारी परस्पर पूरक है। संघ प्रेरित अनेक संगठनों की प्रमुख महिलाएं ही हैं।





