किसानों को लेकर अखिलेश ने क्या जताई चिंता? भाजपा पर बोला हमला, यूपी बजट पर भी कसा तंज

Dinesh Rathour लखनऊ, भाषा
share

यूपी विधानसभा के बजट पर प्रतिक्रिया देने के लिए बुलाई प्रेस-कान्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सबसे दुख की बात यह है कि सरकार सबसे ज्यादा आबादी को रोजी-रोटी देने वाले कृषि क्षेत्र के लिये संकट पैदा कर रही है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों को लेकर चिंता जताते हुए भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। यूपी विधानसभा के बजट पर प्रतिक्रिया देने के लिए बुलाई प्रेस-कान्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सबसे दुख की बात यह है कि सरकार सबसे ज्यादा आबादी को रोजी-रोटी देने वाले कृषि क्षेत्र के लिये संकट पैदा कर रही है। उन्होंने कहा, 'अमेरिका से व्यापार समझौते के बाद हमारी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी चोट और सबसे पहले चोट अगर किसी को लगने जा रही है तो हमारे किसानों और गरीबों को लगने जा रही है। यह सबसे दुख की बात है भारत में सबसे ज्यादा आबादी जिस खेती पर निर्भर है, सरकार उसी पर संकट पैदा कर रही है।

यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'जो खबरें सुनने को मिल रही हैं उनके अनुसार बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद भारत में भेजे जाएंगे। अगर हम अमेरिका को 500 अरब डॉलर का कारोबार देंगे तो 'मेक इन इंडिया' का क्या होगा? हमारा कृषि क्षेत्र, जिस पर 60 से 70 प्रतिशत गरीब आबादी निर्भर करती है, उसका क्या होगा। अखिलेश यादव ने कहा, इस सरकार को हटाने के लिए 'वोट की चोट' देने के साथ-साथ सड़क पर आना होगा तथा इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है। सपा प्रमुख ने पूछा कि आखिर सरकार इस बात को स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि कौन-कौन से उत्पाद भारत के बाजार में लाये जाएंगे।

Voice of UP

राहुल के आरोपों का भी अखिलेश ने दिया जवाब

अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके भारत मां को बेच देने के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा, ''यह बहुत गंभीर बात इसलिए भी है कि अमेरिका से संबंध भी हों और हम अपना बाजार भी उनके हवाले ना करें। हमने बहुत बड़े पैमाने पर चीन को अपना बाजार दे दिया। भाजपा ने हमारी पूरी विदेश नीति उलझाकर रख दी है। आज हमने पूरा बाजार किसी और के हाथ में दे दिया इसलिए भारत को किस दिशा में जाना है, यह भारत की जनता को सोचना पड़ेगा। मैं फिर कहता हूं कि जो रास्ता समाजवादियों ने दिखाया है वही रास्ता देश को खुशहाली तक लेकर जाएगा।

यूपी सरकार के बजट पर भी बोले अखिलेश

यूपी सरकार के बजट पर भी अखिलेश यादव ने टिप्पणी की। सीएम योगी पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा, विधानसभा में कुटीर, लघु एवं मंझोले उद्योगों (एमएसएमई) को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कही हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ नये व्यापार समझौते के बाद किसानों के बाद सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई पर पड़ेगा। सरकार आखिर उनकी मदद किस तरह से करने जा रही है? उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें से 82 लाख तो पंजीकृत ही नहीं है। इसका मतलब यह है कि सरकारी योजनाएं वहां तक पहुंच ही नहीं सकती हैं। यादव ने कहा कि अमेरिका से व्यापार समझौते के पीछे भारतीय नेतृत्व पर क्या दबाव है, वह तो अलग विषय है लेकिन अर्थव्यवस्था से खिलवाड़ करना और जनता को भावनात्मक नारों और बातों से जोड़ देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण के नाम पर किये गये ध्वस्तीकरण कार्य का जिक्र करते हुए दावा किया, कहने को तो वे (भाजपा) खुद को सनातनी कहते हैं लेकिन राजमाता अहिल्याबाई की मूर्ति को तोड़ने का काम किसी ने किया तो भाजपा के लोगों ने ही किया। नेपाल नरेश ने जो घंटा उपहार में दिया था, उत्तर प्रदेश सरकार ने वह घंटा भी चोरी करवा दिया। वहां पर एक वटवृक्ष था जो पौराणिक था, सिर्फ अपना नाम बनाने के लिए भाजपा सरकार ने उस पौराणिक वृक्ष को भी काट कर फेंक दिया।

सांप्रदायिक माहौल बनाने के दाल मंडी को तोड़ा जा रहा

वाराणसी के दाल मंडी इलाके में प्रशासन द्वारा किए जा रहे ध्वस्तीकरण कार्य से संबंधित एक सवाल पर यादव ने कहा, दाल मंडी केवल वोट के लिए तोड़ी जा रही है। उसे सिर्फ सांप्रदायिक राजनीति के लिए तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बनाने के लिए दाल मंडी को तोड़ा जा रहा है। वहां के लोगों को हटाया जा रहा है। जो अधिकारी यह काम कर रहे हैं, मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं वह खुद ही उसमें गिरते हैं। हमारे धर्म में भी है कि जो पाप करेगा उसे उसका फल जरुर मिलेगा। यादव ने कहा, भाजपा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान किया। क्या यही सनातनियों की परिभाषा है? जिसने शंकराचार्य को त्रिवेणी पर जाने से रोका हो वह कभी सनातनी नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री की 'कयामत' संबंधी टिप्पणी के बारे में पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को कोई भी चीज दे दो वह उसे खराब कर देंगे।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।