सोच-समझकर बोलना होगा, वरना BJP को फायदा…चुनाव से पहले अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को दी नसीहत
अखिलेश यादव ने 15 अगस्त के मौके पर अपने नेता और कार्यकर्ताओं को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुत कम समय बचे हैं। इसलिए सोच-समझकर बोलना है। ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं आना चाहिए। जिससे बीजेपी कुछ लाभ उठा ले।
UP News: पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। साथ ही अपने कार्यकर्ताओं को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुत कम समय बचे हैं। इसलिए सोच-समझकर बोलना है। ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं आना चाहिए। जिससे बीजेपी कुछ लाभ उठा ले।
सपा प्रमुख ने कहा, 'बहुत कम दिन बचे हैं। चुनाव शुरू हो गए हैं और टिकट तय करना है। चुनाव में अब समय नहीं बचा है। हमें हर स्टेटमेंट से बचना है। कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं आना चाहिए, जिससे बीजेपी कुछ लाभ उठा ले। इसलिए आने वाले समय में हम लोग तय करेंगे। एक पर्चा छपवा देंगे, छोटे से बड़े सभी नेताओं के लिए कि यही बोलना है, इसके अलावा कुछ नहीं बोलना है। किसान का एमएसपी, किसान की खाद, डायल 100 को बेकार कर दिया, एंबुलेंस कबाड़ हो गईं, आरक्षण लूट लिया। हमने तो किताबें तक छपवाई हैं। हर विभाग में कैसी लूट हुई, वह भी छापा है। नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक किताब दे देंगे कि इसे ही पढ़ो, इसके इधर-उधर मत जाओ।'
लालकिला झूठ बोलने का स्थान नहीं
सपा नेता अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यह विधेयक संसद से पारित हो चुका है और हर राजनीतिक दल इससे परिचित है। अखिलेश ने कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है तो इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से ही लागू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसके लिए तैयार है।
अखिलेश यादव ने देश की सीमाओं और संसद में विपक्षी नेताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और आजादी एक-दूसरे के विपरीत हैं। उनका आरोप था कि भाजपा और उसके संघ से जुड़े सहयोगी स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बजाय विभाजन विभीषिका दिवस मनाने में जुटे हैं।
जो डेढ़ हजार नहीं दे पाए वह 50 हजार क्या देंगे?
भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो डेढ़ हजार रुपये नहीं दे पाए वह 50 हजार रुपए देंगे? इनकी किसी बात पर भरोसा मत करना।' दरअसल, योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को बड़ी सौगात देने जा रही है। पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर पात्र महिलाओं को तीन चरणों में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। चुनाव से पहले 20 हजार और नई सरकार बनने पर 10-10 हजार रुपये बांटे जाएंगे।


