फर्जी रेप और रंगदारी केस में वकील अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, लेकिन रिहाई की राह में अभी रोड़े
भाजपा नेता की ओर से कराए गए फर्जी रेप केस और जबरन वसूली के मामले में अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। हालांकि उन्हें अभी रिहाई नहीं मिलेगी क्योंकि दो मामलों की हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई है।

भाजपा नेता रवि सतीजा की ओर से कराए गए फर्जी रेप केस और जबरन वसूली के मामले में अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने जांच पूरी होने तक उनके कानपुर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। हालांकि अखिलेश को अभी रिहाई नहीं मिलेगी क्योंकि दो मामलों की हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई है, जबकि एक अन्य केस में जिला न्यायालय में 27 फरवरी को सुनवाई होनी है।
भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा थाने में अखिलेश दुबे समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बतौर आरोप अखिलेश दुबे व उसके साथियों ने रवि सतीजा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा खत्म कराने के एवज में उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस की जांच में यह मामला फर्जी पाया गया। इसके बाद रवि सतीजा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर बर्रा पुलिस ने 6 अगस्त 2025 को अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को जेल भेज दिया। इस मामले में जिला न्यायालय से जमानत खारिज होने के बाद अखिलेश की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी दी गई जो 27 अक्तूबर 2025 को खारिज हो गई थी। हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अखिलेश की ओर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। सोमवार को शीर्ष कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सशर्त जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
रिहाई की राह में रोड़े
सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सशर्त जमानत दी है। जांच पूरी होने तक कानपुर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दिन निर्धारित कर आदेश दिया है कि प्रथम दो माह तक प्रत्येक सोमवार को विवेचक के सामने भी पेश होना होगा। हालांकि अभी उनकी रिहाई में तीन रोड़े हैं। इन तीन मामलों में अभी सुनवाई होनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 25 फरवरी से पहले अखिलेश को ट्रायल कोर्ट में कराना होगा। अखिलेश दुबे विवेचना में पूरा सहयोग करेगा। जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा। 2 मार्च को विवेचक के सामने पेश होगा। दो महीने यानि मार्च और अप्रैल माह में प्रत्येक सोमवार को विवेचक के सामने उसे पेश होना होगा।
अखिलेश पर दर्ज हुए थे छह केस
अखिलेश पर एक-एक कर पांच मुकदमे हुए। एक मुकदमा भाजपा नेता रवि सतीजा ने बर्रा में तो दो मुकदमे किदवई नगर थाने में समाजसेवी शैलेंद्र कुमार और मंदाकिनी पैलेस के मालिक सुरेश पाल दर्ज कराया था। एक मुकदमा अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने दर्ज कराया था जबकि एक केस वक्फ की संपत्ति पर कब्जा कर आगमन लॉन बनाने के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुआ था। होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी के 15 साल पुराने मुकदमे में कोर्ट के आदेश पर हुई अग्रिम विवेचना में भी अखिलेश का नाम सामने आने पर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई।
इन तीन मामलों में मिल चुकी जमानत
1- कोतवाली थाने में संदीप शुक्ला के केस में अखिलेश को सेशन कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
2- किदवई नगर थाने में समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार के मामले में भी सेशन कोर्ट से जमानत स्वीकृत हुई थी।
3- बर्रा थाने में दर्ज भाजपा नेता रवि सतीजा के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत स्वीकृत कर ली।
अखिलेश दुबे की रिहाई की राह में अभी रोड़े
1- किदवई नगर में दर्ज होटल कारोबारी मंदाकिनी पैलेस के मालिक सुरेश पाल और ग्वालटोली थाने में दर्ज वक्फ संपत्ति मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
2- होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी के मामले में सोमवार को एडीजे प्रथम कोर्ट में सुनवाई थी। इस मामले में 27 फरवरी की तारीख सुनवाई के लिए तय की गई है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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