आकाश आनंद फिर बसपा से बाहर? मायावती के भतीजे ने बदला बायो, पार्टी वर्कर से अब सिर्फ सपोर्टर
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर अपना बायो बदला तो नई चर्चाओं को हवा मिल गई है। माना जा रहा है कि एक बार फिर वह पार्टी से बाहर हो गए हैं।

यूपी में एक तरफ विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है तो दूसरी तरफ मायावती की बहुजन समाज पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पिछले हफ्ते तक बसपा में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर रहे भतीजे आकाश आनंद से मायावती ने अचानक पद छीन लिया। पद छीने जाते ही आकाश ने सोशल मीडिया पर अपना बायो बदलकर बसपा कोआर्डिनेटर से बसपा वर्कर लिख लिया था। इस बीच रविवार को उससे भी बड़ा धमाका हुआ। आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर खुद को बसपा वर्कर से बसपा सपोर्टर लिख दिया है। तीन दिन में दूसरी बार हुए बदलाव को कई नजरिये से देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि एक बार फिर आकाश आनंद को बसपा से बाहर कर दिया गया है।
पिछले हफ्ते गुरुवार को जो कुछ हुआ, उसका संकेत चार दिन पहले रविवार को ही मिल गया था। आकाश आनंद को भले ही गुरुवार की बैठक में मायावती ने अपरिपक्व बताते हुए कोआर्डिनेटर के पद से हटाने का ऐलान किया। लेकिन इससे ठीक पहले रविवार वाली बैठक से आकाश आनंद नदारत थे। यानी चार दिन पहले ही आकाश आनंद पर फैसला हो चुका था। इसी तरह अब बायो बदलने पर कहा जा रहा है कि आकाश आनंद को बसपा से बाहर कर दिया गया है, इसका ऐलान कभी भी हो सकता है। आकाश आनंद पहले भी बसपा से निकाले जा चुके हैं।
सवा दो साल में छह बार मायावती का बदला फैसला
पिछले सवा दो साल में मायावती कई बार अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर असमंजस में दिखाई दी हैं। एक दो बार नहीं, छह बार आकाश आनंद को लेकर उन्होंने अपना ही पिछला फैसला बदला है। आकाश को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले अपना उत्तराधिकारी घोषित करते हुए नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर पार्टी में अपने बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी थी। लोकसभा चुनाव के दौरान ही मायावती ने उन्हें अपरिपक्व बताकर नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया और उत्तराधिकारी वाला ओहदा भी छीन लिया था।
लोकसभा चुनाव के बाद आकाश को दोबारा जिम्मेदारियां दे दी गईं। पिछले साल मार्च में एक बार फिर आकाश को सभी सांगठनिक पदों से हटाते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया। एक महीने बाद ही माफी मांगने की बात कहते हुए दोबारा पार्टी में शामिल किया। मई में आकाश को फिर से चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बना दिया गया। पिछले हफ्ते फिर से मायावती का मूड आकाश को लेकर खराब हुआ और फिर से राजनीतिक अपरिपक्व बताते हुए पद छीन लिया है। अब नए बायो से संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया गया है।
मायावती के इन कदमों से भी आकाश के बाहर होने का मिल रहा संकेत
बताया जा रहा है कि मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से आकाश और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ से सोशल मीडिया पर भी दूरी बनाने का निर्देश दिया है। दोनों को अनफालो करने के लिए कहा गया है। हालांकि कई पदाधिकारी ऐसे निर्देश से अनभिज्ञता जता रहे हैं। वहीं, पार्टी में आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को उत्तराखंड की राजनीतिक गतिविधियों की जिम्मेदारी दिए जाने की बात भी सामने आई है।


