Agra News: ढोलना रजमाह-माइनर की सफाई भूले, बागवानी से हुआ मोहभंग
Agra News: ढोलना क्षेत्र में राजवाह व माइनरों में पानी की कमी के कारण बागवानों का बागवानी से मोह भंग हो गया है। पिछले 40 वर्षों में आम और अन्य फलों के बागों में कमी आई है। किसान पानी की कमी से निजी संसाधनों पर निर्भर हो गए हैं, और बागों की सूख जाने के कारण बागवानी से तौबा कर रहे हैं।

Agra News: ढोलना क्षेत्र के अनूपशहर ब्रांच के राजवाह व माइनरों में पानी नहीं आने से बागवानों का मोह बागवानी से भंग हो गया है। ढोलना क्षेत्र में विगत 40 वर्षों में आम व अन्य फलों के बागों में कमी आई है। राजवाह व माइनर में पानी नहीं होने से किसान निजी संसाधनों व सरकारी नलकूपों से सिंचाई करने के लिए निभर हो गए। किसानों के द्वारा राजवाह व माइनर में पानी के लिए लगातार प्रयास भी किए गए लेकिन उनमें पानी नहीं आ पाया है। कासगंज के गांव जहांगीरपुर के ओमकार सिंह ने कहा कि माइनर में विगत 30 वर्षों से पानी की उपलब्धता नहीं हो रही है।
जिसकी वजह से आम के बागवानी से किसानों का मोहभंग हुआ। आम के बाग सूख गए तो किसानों ने फिर दोबारा बागवानी करने से तौबा कर ली। किसान खेतों में अन्य फसलों को तरजीह देने लगे। कासगंज जनपद में ढोलना क्षेत्र में आम के सबसे अधिक आम थे। आम के बागानों की सबसे बड़ी वजह से राजवाह व माइनर में पानी की उपलब्ता रही। माइनर सूखीं तो किसानों ने निजी संसाधनों से सिंचाई करना शुरू कर दिया। ढोलना के गांव इटौआ के रहने वाले अर्जुन वाल्मीकि ने बताया कि राजवाह व माइनर से 15 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती थी। किसान अब खेतों की सिंचाई निजी संसाधनों से करने को मजबूर हैं। पानी के अभाव में क्षेत्र के अधिकांश बाग समाप्त हो चुके हैं। महावर गांव के किसान सुनील, बृजभान सिंह, किशनवीर ने कहा कि यदि ढोलना क्षेत्र में राजवाह व माइनर में पानी की उपलब्धता हो तो किसानों को फायदा होगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


