कैसे बढ़ेगी स्वच्छता में रैंक, बड़ा प्लांट चले तो 50 टन कूड़ा हो निस्तारण

Apr 08, 2026 09:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आगरा
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Agra News - कासगंज जिले में कूड़ा निस्तारण की समस्या बढ़ रही है। याकूतगंज में 50 टन क्षमता का कूड़ा निस्तारण प्लांट अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जिसके कारण 70-80 टन कूड़ा सड़कों पर फेंका जा रहा है। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर, नगर निकायों में संसाधन जुटाए गए हैं, लेकिन प्लांट संचालन में देरी हो रही है।

कैसे बढ़ेगी स्वच्छता में रैंक, बड़ा प्लांट चले तो 50 टन कूड़ा हो निस्तारण

जिले में कूड़ा निस्तारण की समस्या गंभीर होती जा रही है। जिले में याकूतगंज पर बने 50 टन क्षमता के कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन अभी शुरू नहीं हो पाया है। संचालन में देरी की वजह संचालन के लिए कंपनी नामित नहीं होना बताया है। इसके पीछे, जिससे रोजाना 70-80 टन कूड़ा नगरीय क्षेत्र के बाहर सड़कों के किनारे या डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है। वहीं आगामी समय में स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के चलते नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में संसाधन जुटाए गए। शहर के कूड़े से कांच, रबड़, प्लास्टिक, पालीथिन, ईंट, पत्थर आदि की छंटनी करने के अलावा गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग करने के लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलटी सेंटरों का 10 नगर निकायों में कराया गया है।

नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में बनाए प्लांटों को बिजली कनेक्शन व मशीनरी दी गई, लेकिन प्लांट का पूरी क्षमता के साथ संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे स्वच्छता का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है। जबकि पूरे जिले के लिए 50 टन कूड़े का अलग से प्लांट निस्तारण करने की व्यवस्था याकूतगंज पर एक बड़े प्लांट पर करने के लिए भवन का निर्माण कराया जा चुका है।नगर निकाय पटल प्रभारी के मुताबिक अभी तक संचालन के लिए लखनऊ से संस्था नामित नहीं हुई है, संस्था नामित होने पर संचालन होने लगेगा। वहीं इस बारे में नोडल अधिकारी व नगर पालिका कासगंज के ईओ से संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन कॉल रिसीव नहीं होने से वार्ता नहीं हो सकी।सभी एमआरएफ पूरी क्षमता से चलें तो स्वच्छता बढ़ेगीजनपद में (एमआरएफ) भी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। जिले में कई एमआरएफ सेंटर बने हैं, लेकिन उनमें से कुछ बंद पड़े हैं या उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। कुछ चालू भी हैं, लेकिन पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। इससे कूड़ा निस्तारण की समस्या और भी बढ़ गई है।प्रति निकाय एमआर एफ सेंटर निर्माण को 33 लाख दिए थेकूड़ा निस्तारण की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने 10 नगर निकायों को प्रति एमआरएफ सेंटर 33 लाख रुपए के हिसाब से और फिर प्लांट मशीनों के भी लाखों रुपए की राशि दी है। इस राशि से कूड़ा प्रसंस्करण और निस्तारण के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य शहरों को स्वच्छ बनाना और वेस्ट टू वेल्थ की राह पर कार्य करना है।

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