वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को किया अलर्ट, पशुओं को “हीट स्ट्रेस” से बचाए रखें
Agra News - भीषण गर्मी और लू के कारण कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पशुपालन विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के कारण पशुओं में 'हीट स्ट्रेस' बढ़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन में कमी, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

भीषण गर्मी एवं लू हीटवेव का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग द्वारा कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं एवं लगातार बढ़ती उमस ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि पशुधन एवं पक्षियों पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने गर्मी में पशुओं में “हीट स्ट्रेस” की समस्या तेजी से बचाए रखने की गाइडलाइन समझाई है। कृषि विज्ञान केंद्र कासगंज के पशुपालन विशेषज्ञ डा.सुशील का कहना है कि, अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं के शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जिससे उनके स्वास्थ्य, उत्पादन क्षमता एवं कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन कम होना, पशुओं का चारा कम खाना, अधिक पानी पीना, कमजोरी, सुस्ती, बार-बार सांस लेना एवं डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं के शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे पशुओं की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव दुधारू पशुओं, गर्भित पशुओं, छोटे बछड़ों एवं अधिक उम्र वाले पशुओं पर पड़ता है। कई बार पशु पर्याप्त मात्रा में चारा नहीं खा पाते, जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है और उत्पादन क्षमता तेजी से प्रभावित होती है।
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