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16 जनवरी, 2021|8:42|IST

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सैंपल अस्पताल से लिया और रेस्क्यू करना पड़ा घर से

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आगरा। मुख्य संवाददाता

सैंपल निजी अस्पतालों से लिए जा रहे हैं और पॉजिटिव आने पर उन्हें रेस्क्यू करने के लिए टीम को संक्रमितों के घर जाना पड़ रहा है। सैंपलिंग के बाद इस तरह की लापरवाही के कई मामले प्रकाश में आए हैं। रिपोर्ट आने तक जिला अस्पताल में ही क्वारंटाइन न कर उनका इलाज अस्पताल में ही चलता रहता है। ये सब अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है।

शुरुआत में प्रशासन ने मेडिकल मोबाइल टीम गठित की थी। इन्हें निजी अस्पतालों में सैंपलिंग के लिए भेजा था, लेकिन अब जिले में ही काफी सैंपलिंग हो रही है। इसलिए निजी अस्पतालों में इनको नहीं भेजा जा रहा है। यदि किसी मरीज में कोरोना के लक्षण महसूस होते हैं या फिर भर्ती किए जाने से पहले टेस्ट कराया जाता है तो उसे जिला अस्पताल में ही भेजना होगा। गंभीर मरीज का सैंपल लेने के लिए मेडिकल मोबाइल टीम को भेज दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ गठजोड़ के चलते अस्पतालों तक सैंपल लेने की प्रक्रिया जारी है।

सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट आने तक संदिग्ध को जिला अस्पताल में ही क्वारंटाइन कराना चाहिए, जिससे अन्य मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, लेकिन हो इसका उलटा रहा है। सैंपल लेने के बाद भी रिपोर्ट आने तक मरीज का अस्पताल में ही इलाज चलता रहता है। इससे अन्य लोगों को भी परेशानी होने का खतरा बना रहता है। यही नहीं जांच रिपोर्ट की स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पताल को सूचना दे देते हैं। उसके बाद मरीज को घर भेज दिया जाता है। रेस्क्यू टीम को अस्पताल के स्थान पर संक्रमित को घर से ही रेस्क्यू करना होता है।

इस तरह के मामलों को चेक कराया जाएगा। सैंपल जिला अस्पताल में ही देना है। साथ ही रिपोर्ट आने तक संदिग्ध को अलग ही रहना है। सभी के साथ नहीं रह सकता है। इससे अन्य लोगों को खतरा हो सकता है।

प्रभु एन सिंह

जिलाधिकारी

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  • Web Title:Samples taken from the hospital and had to rescue from home