
बोले आगरा: पार्क में बनाए भैंसों के तबेले, बचों से खेल के मैदान छीने
संक्षेप: Agra News - आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-2 सी के निवासी अधिकारियों की अनदेखी से परेशान हैं। पार्क की खराब स्थिति, अवैध तबेले, और शराबियों की बढ़ती समस्या ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है। नालियों के चोक होने से जलभराव और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोग सुधार की मांग कर रहे हैं।
शहर की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-2 सी में रहने वाले परिवार अधिकारियों की अनदेखी से परेशान हैं। लोगों ने ये सोचकर जीवनभर की जमापूंजी मकान बनाने में लगा दी कि उनके बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा। खेलने के लिए पार्क होगा। महिलाओं, बेटियों की सुरक्षा पुख्ता रहेगी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। कॉलोनी के मौजूदा हालातों से लोग उलझन में पड़ गए हैं। संवाद कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने आपके अखबार हिन्दुस्तान में अपनी परेशानियां बताईं। कहा कि कॉलोनी का पार्क सालों से बदहाल पड़ा है। मंदिर की आड़ में लोगों ने पार्क पर कब्जा कर लिया है। घर में बने तबेलों की वजह से नालियां चोक पड़ी हैं।

ये रिहायशी इलाका नगर निगम सीमा क्षेत्र के वार्ड 69 में आता है। यहां आवास विकास परिषद ने कॉलोनी विकसित की थी। यहां परिषद ने करीब 200 मकानों का निर्माण किया था। कॉलोनी से सटी हुई बोदला बस्ती भी है। कुल मिलाकर यहां करीब 5000 की मिश्रित आबादी निवास करती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके घरों के सामने परिषद ने पार्क के लिए जमीन तो छोड़ी है लेकिन पार्क का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया है। अब पार्क की बाउंड्रीवॉल भी टूट चुकी है। कुछ लोगों ने मंदिर की आड़ लेकर पार्क की जमीन घेर ली है। परिवार सहित रिहायश कर ली है। पार्क में गंदगी का अंबार रहता है। एक परिवार ने तो पार्क में ही तबेला बना लिया है। जबकि दो परिवार अपने घर के अंदर तबेला चला रहे हैं। तबेले से निकलने वाली गंदगी नालियों में बहाई जाती है। इससे नालियां चोक हो गई हैं। सभी परिवारों के सामने जलनिकासी की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों ने बताया कि नालियां चोक होने से सड़कों के किनारे गंदा पानी भरा रहता है। सड़क पर जलभराव हो जाता है। इससे घरों के आसपास दुर्गंध का माहौल रहता है। गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सेंट्रल पार्क मार्ग पर स्थित मैदान में भी गंदगी का अंबार लगा रहता है। मैदान में लोगों ने डलाबघर बना दिया है। अवैध तरीके से लोगों ने झोपड़पट्टी बना ली है। झोपड़पट्टी में कौन लोग रहते हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही सेंट्रल पार्क की बाउंड्रीवॉल के किनारे लंबे समय से गंदा पानी जमा हुआ है। लोगों ने बताया कि कॉलोनी में कई मकान खंडहर हालत में हैं। यहां नशेबाजों ने अड्डा बना लिया है। शाम ढलते ही पूरे क्षेत्र में नशेबाजों की सक्रियता बढ़ जाती है। दुकानों के बाहर खड़ी कारों में शराब की महफिल सजती है। कई बार शराबी कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं युवतियों पर अश्लील फब्तियां कस चुके हैं। अब अंधेरा होने पर महिलाएं, युवतियां शराबियों के डर से घर से बाहर नहीं निकलती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वो इस बात की शिकायत जगदीशपुरा थाना पुलिस और सेक्टर चार पुलिस चौकी पर कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है। इसके बाद भी शराबियों पर अंकुश नहीं लग पाया है। हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आपके अखबार हिन्दुस्तान के माध्यम से सड़क पर खड़े होकर शराब की महफिल सजाने वालों पर कार्रवाई कराए जाने की मांग की है। डलाबघर में तब्दील हुए पार्क आवास विकास परिषद ने सेक्टर 2 बी और 2 सी में कॉलोनी वासियों की सहूलियत के लिए पार्क के लिए जमीन छोड़ी है। वर्तमान में ये दोनो पार्क डलाबघर में तब्दील हो चुके हैं। सेक्टर 2 बी के पार्क पूरी तरह डलाबघर का रूप ले चुका हैं। पूरे पार्क में गंदा पानी जमा है। कूड़ा-कचरा पड़ा हुआ है। जबकि सेक्टर 2 सी का पार्क पूरी तरह बदहाल है। पार्क के किनारे बाउंड्रीवॉल नहीं है। पार्क में ईंट, पत्थर और गंदगी पड़ी हुई है। इस वजह से बुजुर्ग पार्क में टहलने तक नहीं जा पाते हैं। एक परिवार ने मंदिर की आड़ में जमीन पर कब्जा जमा लिया है। स्थानीय लोगों ने दोनों पार्कों का सौंदर्यीकरण और कब्जा हटाए जाने की मांग की है। शराबियों से दहशत में महिलाएं इस रिहायशी इलाके में शाम होते ही सड़कों पर शराबियों का जमघट लग जाता है। खाली पड़े मकानों में नशेबाज डेरा जमा लेते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी संख्या में युवक सड़क किनारे कार खड़ी करके शराब के जाम छलकाते हैं। विरोध करने पर शराबी मारपीट करने पर अमादा हो जाते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि शराबी कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं, युवतियों से छेड़खानी कर चुके हैं। अश्लील फब्तियां कसते हैं। इस बात की शिकायत उन्होंने सीएम पोर्टल और स्थानीय पुलिस से भी की है लेकिन शराबियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुआ है। यही कारण है कि क्षेत्र में शराबियों की सक्रियता बढ़ गई है। गोबर से चोक हुईं सभी नालियां लोगों के लिए घर और पार्क में बने तबेले भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय परिवारों ने बताया कि दो लोगों ने रिहायशी मकान के अंदर तबेले बना लिए हैं। जबकि एक परिवार ने पार्क की जमीन पर ही अपने मवेशी बांध दिए हैं। ये लोग दूध का कारोबार करते हैं। गोबर और गंदगी नालियों में बहा देते हैं। इससे सभी नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं। घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नतीजन घरों और सड़कों के किनारे जलभराव हो गया है। इस वजह से गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। मच्छर जनित संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने निगम अधिकारियों से समाधान की मांग की है। नियमित नहीं होती है साफ सफाई आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 2 सी में रहने वाले परिवार गंदगी की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में नगर निगम का कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता है। इस वजह से कॉलोनी में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है। नालियों की भी कभी सफाई नहीं होती है। कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी कभी कभार ही आती है। लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों ने हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं। थोड़ी सी बारिश होते ही घरों के सामने जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। लोगों ने बताया कि कई स्थानों पर लोगों ने फुटपाथ घेरकर पार्किंग बना ली है। रिहायशी मकानों में स्कूल और गोदामों का संचालन किया जा रहा है। चोक हो चुकी हैं सीवर लाइनें इस रिहायशी इलाके में सीवर लाइन चोक होने की भी परेशानी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी समय से सीवर लाइनों की सफाई नहीं हुआ है। इस वजह से सीवर लाइनें चोक पड़ी हैं। दबाव बढ़ने पर सीवर लाइनें ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहने लगती हैं। इससे सड़क पर गंदगी हो जाती है। पैदल आने जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सीवर लाइनों की सफाई कराए जाने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलोनी से कुछ मीटर की दूरी पर स्थित रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए बनाए गए पार्क का सौंदर्यीकरण कराए जाने की भी मांग उठाई है। देखरेख के अभाव में ये पार्क दुर्दशा का शिकार है। ये हैं समस्याएं कॉलोनी के पार्क हो चुके हैं बदहाल लोगों ने घरों में बना लिए गए हैं तबेले सड़कों के किनारे पड़ी रहती है गंदगी शाम को सजती है शराबियों की महफिल चोक हो चुकी हैं कॉलोनी की सीवर लाइन ये हैं समाधान कॉलोनी के पार्कों का हो सौंदर्यीकरण घरों में से हटाए जाएं लोगों के तबेले कॉलोनी में की जाए नियमित सफाई पुलिस शराबियों पर करे ठोस कार्रवाई सीवर लाइनों की कराई जाए सफाई बोले लोग... कॉलोनी में कुछ लोगों ने घर और पार्क में अवैध तरीके से तबेले बना रखे हैं। ये लोग घरों से निकलने वाला गोबर नालियों से बहा देते हैं। इस वजह से सभी नालियां चोक हो गई है। कॉलोनी से गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इस समस्या का समाधान हो। प्रो.डीके गौतम, स्थानीय निवासी नालियां चोक होने की वजह से घरों के सामने जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे घरों में सीलन आ रही है। गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं। मच्छर जनित संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। इस पर रोक लगे। नालियों की सफाई कराई जाए। रवि कुमार सिंह, स्थानीय निवासी आवास विकास परिषद ने कॉलोनी में पार्क के लिए जमीन छोड़ी है लेकिन पार्क का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया है। पार्क में हर समय गंदगी पड़ी रहती है। बुजुर्ग मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पाते हैं। पार्क का सौंदर्यीकरण होना चाहिए। इससे हम लोगों को राहत मिलेगी। विकास सिंह, स्थानीय निवासी सेंट्रल पार्क मुख्य मार्ग के नजदीक खाली पड़े मैदान में भी गंदगी का अंबार लगा रहता है। यहां कुछ लोगों ने झोपड़ पट्टी डालकर अपनी रिहायश बना ली है। इन लोगों की जांच होनी चाहिए। यहां सड़क पर जलभराव की समस्या है। अधिकारी इस पर जरूर संज्ञान लें। अभिनव गौतम, स्थानीय निवासी इस क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों का अभाव है। कभी सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते हैं। सड़कों के किनारे गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इससे दुर्गंघ का माहौल रहता है। कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी कभी कभार ही आती है। काफी दिक्कत है। नियमित कूड़ा उठान होना चाहिए। सूर्य प्रताप सिंह, स्थानीय निवासी सेक्टर 2 सी के पार्क के साथ सेक्टर 2 बी कॉलोनी का पार्क भी सालों से बदहाल पड़ा है। सेक्टर 2 बी का पार्क पूरी तरह डलाबघर में तब्दील हो चुका है। इसकी बाउंड्रीवॉल टूट चुकी है। यहां केवल गंदगी रहती है। कभी सफाई नहीं होती। पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाए। देवकी नंदन, स्थानीय निवासी कॉलोनी के पार्क में कुछ साल पहले मंदिर का निर्माण किया गया था। अब मंदिर की आड़ लेकर कुछ लोगों ने पार्क की काफी जमीन पर अतिक्रमण कर रिहायश बना ली है। यहां पर एक परिवार मवेशी भी बांधता है। इस पर रोक लगनी चाहिए। पार्क से सभी अतिक्रमण हटाए जाएं। अरुण कुमार, स्थानीय निवासी कॉलोनी में बारिश के दिनों में काफी दिक्कत हो जाती है। जगह जगह जलभराव हो जाता है। सभी नालियां गोबर की वजह से चोक पड़ी हैं। गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे हमें काफी दिक्कत हो रही है। मेरी मांग है कि सभी नालियों की जल्दी सफाई कराई जाए। रजनीश तिवारी, स्थानीय निवासी पार्कों का रख रखाव सही नहीं हो पा रहा है। पार्क की बाउंड्रीवॉल पूरी तरह टूट चुकी है। शाम होते ही पार्क में असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। पार्क में गंदी और ईंट पत्थर होने की वजह से हम लोग मॉर्निंगवॉक पर नहीं जा पाते हैं। पार्क का सौंदर्यीकरण किया जाए। सूरजमल मौर्य, स्थानीय निवासी कॉलोनी में विकास कार्यों की दरकार है। नियमित साफ-सफाई का अभाव रहता है। सड़क के किनारों पर गंदगी पड़ी रहती है। सीवर लाइनें भी चोक पड़ी हैं। पार्क पूरी तरह बदहला हो चुके हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। हालात काफी खराब हो चुके हैं। चक्र सुदर्शन, स्थानीय निवासी कॉलोनी में शाम होते ही शराबियों का जमघट लगता है। लोग सड़क किनारे कार खड़ी कर शराब पीते हैं। कई बार ये शराबी कॉलोनी में रहने वाली बहन बेटियों से अभद्रता कर चुके हैं। अश्लील फब्तियां कसते हैं। मेरी यही मांग है कि ऐसे लोगों पर पुलिस जल्दी कार्रवाई करे। छाया कुमारी, स्थानीय निवासी कॉलोनी में कुछ मकान खंडहर हो चुके हैं। शाम होते ही यहां नशेबाजों का जमावड़ा लग जाता है। जो देर रात तक चलता है। इन लोगों को हटाने का प्रयास करो तो ये लड़ने पर अमादा हो जाते हैं। भला बुरा कहते हैं। देख लेने की धमकी देते हैं। पुलिस ऐसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही करे। पुष्पलता, स्थानीय निवासी हमारे घर के सामने ही बड़ा पार्क है जो देखरेख के अभाव में पूरी तरह बदहाल हो चुका है। पार्क के कुछ हिस्से पर कब्जा भी हो गया है। पार्क का हम सभी परिवारों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। अगर पार्क का सौंदर्यीकरण करा दिया जाए तो कॉलोनी का माहौल बदल जाए। राहत मिलेगी। रिंकी सिंह, स्थानीय निवासी शराबियों की वजह से काफी परेशानी होती है। शाम होने पर घर से बाहर दुकान तक जाने में डर लगता है। दुकानों के बाहर लोग कार खड़ी कर अंदर शराब पीते हैं। इससे हम लोगों में असुरक्षा का माहौल रहता है। इस पर स्थानीय पुलिस को सख्ती के साथ रोक लगानी चाहिए। कार्रवाई की जाए। अपूर्वा, स्थानीय निवासी आवास विकास परिषद ने रिहायश के लिए मकानों का आवंटन किया है लेकिन कुछ लोग इन मकानों का व्यवसायिक उपयोग कर रहे हैं। एक मकान में स्कूल चल रहा है। फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग बना ली है। एक मकान में टाइल्स का गोदाम संचालित किया जा रहा है। तबेले चल रहे हैं। महेश चंद, स्थानीय निवासी पार्कों की हालत खराब होने की वजह से हमे खेलने के लिए स्थान नहीं मिल पाता है। मेरा यही कहना है कि दोनों पार्कों का सौंदर्यीकरण कराया जाए। इससे कॉलोनी का माहौल बदलेगा। हम युवाओं को बच्चों को खेलने को स्थान मिल जाए। अभी गंदगी की वजह से पार्क खराब हो चुका है। तन्नू राजपूत, स्थानीय निवासी

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