संसद में उठी आगरा को आईटी हब बनाने की मांग

संसद में उठी आगरा को आईटी हब बनाने की मांग

संक्षेप:

Agra News - फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने संसद में टीटीजेड और एनजीटी के प्रतिबंधों को लेकर आगरा को आईटी हब बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का पलायन रुकेगा। आगरा का पर्यटन महत्व और दिल्ली के निकटता को देखते हुए इसे विकसित करने की आवश्यकता है।

Dec 12, 2025 08:45 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आगरा
share

फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने शुक्रवार को संसद में नियम 377 के तहत संसद में आगरा और भरतपुर में टीटीजेड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टीटीजेड और एनजीटी के प्रतिबंधों को देखते हुए आगरा को आईटी बनाया जाए। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा और भरतपुर जनपदों में ताज ट्रिपेजियम ज़ोन (टीटीजेड) और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के कड़े पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण इन क्षेत्रों में बड़े और भारी उद्योगों की स्थापना संभव नहीं हो पाती है। इसके परिणामस्वरूप, हज़ारों नौजवानों को सीमित रोज़गार मिलता है और बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवा अन्य शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

चाहर ने ज़ोर दिया कि आगरा देश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन नगरों में से एक है और दिल्ली की राष्ट्रीय राजधानी के निकट होने के कारण रणनीतिक और वाणिज्यिक दृष्टि से भी उपयुक्त है। केंद्र सरकार से अपील की है कि यदि आगरा को आईटी हब के रूप में विकसित किया जाता है, तो न केवल इस क्षेत्र के युवाओं का पलायन रुकेगा, बल्कि आगरा और आसपास के जिलों के आर्थिक विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। यह मांग स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।