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21 सितम्बर, 2020|12:03|IST

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चार तालों में कैद बेशकीमती जमीन, नहीं हो रही खाली

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आगरा। मुख्य संवाददाता

जोंस मिल प्रकरण का सच सबके सामने है। जांच में भी सारी तस्वीर साफ होती जा रही है। उसके बाद भी एक हजार वर्ग गज से ज्यादा की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा है। चार लोगों के अलग-अलग ताले लगे हैं। इनको खुलवाकर प्रशासन अपना कब्जा नहीं ले पा रहा है।

जोंस मिल की एक जमीन पर बने कुछ हिस्से में षड्यंत्र के तहत विस्फोट किया गया। इस घटना के आरोप में रज्जो जैन सहित एक दर्जन लोगों को जेल भेज दिया गया। उसके बाद जमीनों में फर्जीवाड़े की पड़ताल शुरू हुई। जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाले साक्ष्य सामने आने लगे। यहां की 35 हेक्टेयर जमीन में से 16 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जे मिले। ये सारी जमीन राजस्व अभिलेखों में सरकारी संपत्ति निकली।

जांच के इसी क्रम में खसरा संख्या 1739 की भी पड़ताल की गई तो यहां की 0.1150 हेक्टेयर जमीन राजस्व अभिलेखों में बंजर के रूप में दर्ज मिली। सर्वे पर पता चला कि जमीन के मुख्य द्वार पर एक साथ चार ताले अलग-अलग लोगों ने लगा रखे हैं। इन तालों को गेट पर ही वैल्डिंग भी करा दिया गया है ताकि कोई खोल न सके। एडीएम प्रशासन ने बताया कि ये जमीन 14 (3) के तहत बंजर के रूप में दर्ज है। इसका बैनामा नहीं हो सकता है। ये सरकारी संपत्ति है। इसके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। तब पता चलेगा कि ताला डालकर अवैध कब्जा करने वाले लोग‌ कौन-कौन हैं। उसके बाद नोटिस भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को भूमाफिया से खाली कराए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

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  • Web Title:Precious land imprisoned in four locks not getting empty