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अब डीजल बढ़ा सेंचुरी क्लब की ओर

हिन्दुस्तान टीम,आगराNewswrap
Wed, 27 Oct 2021 08:35 PM
अब डीजल बढ़ा सेंचुरी क्लब की ओर

आगरा। अब डीजल के दाम सेंचुरी की ओर बढ़ रहे हैं। बुधवार को एक लीटर डीजल के दाम 96.88 रुपये हो गए। सेंचुरी क्लब से मात्र 3.12 रुपये प्रति लीटर की दूरी रह गई है। एक महीने की अवधि में ही डीजल सात रुपये लीटर के करीब महंगा हो चुका है। पेट्रोल के दाम में भी एक महीने के दौरान पांच रुपये लीटर से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है।

जुलाई के तीसरे सप्ताह में जब रेट बढ़े थे तब आगरा में डीजल के दाम 90 रुपये से भी कम थे। इसके बाद मामूली गिरावट हुई और डीजल चंद पैसे कम होकर 89 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ गया। लेकिन 29 सितंबर से दरों में एक बार फिर इजाफा शुरू हो गया और एक महीने के अंदर डीजल के दाम 97 रुपये के करीब पहुंच गए। एक्सट्रा प्रीमियम डीजल पहले ही सेंचुरी क्लब में शामिल हो चुके हैं। बुधवार को आगरा में आईओसी का एक्सट्रा प्रीमियम डीजल का दाम 108.56 रुपये प्रति लीटर हो गया। चंद सिक्कों में की गई यह वृद्धि अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है। एक्सट्रा प्रीमियम पेट्रोल भी 107 रुपये लीटर से अधिक हो चुका है।

500 दिन में बढ़ गए 33 रुपये

बीते साल अनलॉक के समय छह जून को आगरा में एक लीटर डीजल का दाम 63.69 रुपये प्रति लीटर था। इस तारीख को आधार बनाया जाए तो 511वें दिन आगरा में डीजल का दाम 96.88 रुपये प्रति लीटर रहा। इस तरह 511 दिन में 33.19 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज हुई। इस वजह से आम जरूरत की लगभग हर वस्तु महंगी हो चुकी है।

तारीख पेट्रोल प्रति लीटर डीजल प्रति लीटर

27-10-2021 104.64 96.88

07-10-2021 100.07 91.96

01-10-2021 98.75 90.34

29-09-2021 98.27 89.74

27-09-2021 98.06 89.49

19-07-2021 98.61 89.96

28-06-2021 95.33 89.00

06-06-2021 92.01 86.04

29-05-2021 91.17 84.97

14-06-2020 77.25 67.26

06-06-2020 73.78 63.69

यह हुआ असर

डीजल की महंगाई से माल भाड़ों में लगातार वृद्धि हो रही है। वस्तुओं की कीमत बार बार रिवाइज हो रही है। फेस्टिव सीजन में वाहनों की अच्छी बिक्री की उम्मीद लगा रहे ऑटोमोबाइल कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। वेतनभोगियों के लिए यह वृद्धि लगातार मुसीबत ला रही है। जो परिवार बीते साल जून महीने में प्रति महीने दो हजार रुपये के पेट्रोल से काम चला रहे थे। इस समय उनका मासिक खर्च बढ़ कर तीन हजार रुपये से भी अधिक हो चुका है।

ढुलाई महंगी, सफर भी महंगा

: कच्चे माल की परिवहन लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा

: तैयार माल की ढुलाई में वृद्धि से भी उत्पादन हुए महंगे

: यात्री भाड़ों में लगातार हो रहा इजाफा, भार यात्रियों पर

: व्यक्तिगत उपयोग करने वालों के मासिक खर्च में इजाफा

: कृषि पंप का उपयोग करने वालों की लागतों में इजाफा

खड़े हो जाएंगे वाहन

परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि लागतें इतनी ज्यादा बढ़ चुकी हैं कि अब ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को चला पाना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि वाहन संचालक अपने वाहनों की ईएमआई तक निकाल नहीं पा रहे। यही हाल रहा तो वाहनों को सड़क पर लाना भी मुश्किल हो जाएगा।

ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए यह समय बहुत मुश्किल भरा है। व्यापारी बढ़े हुए भाड़े देने से इनकार कर रहे। वहीं वाहनों से ढुलाई की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है।

मुकेश कुमार गर्ग, महामंत्री, आगरा महानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

हम लोग काफी अरसे से मांग कर रहे हैं कि अन्य उत्पादों की तरह पेट्रोलियम को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। लेकिन राज्य सरकारें विरोध कर रही हैं।

देवेन्द्र गुप्ता, महामंत्री, आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन

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