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29 सितम्बर, 2020|3:15|IST

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यजमान के घर नहीं, फोन पर कराएंगे तर्पण

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दो सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहे हैं। लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही पंडितों को दान भी दिया जाएगा, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से पंडित घरों में भोजन करने के बजाए ऑनलाइन तर्पण करवाएंगे। यह सिलसिला 17 सितंबर तक चलेगा।

श्राद्ध पक्ष आते ही घरों में पितरों के तर्पण की तैयारी रहती थी। ब्राह्मणों का आना, पिंडदान, ब्रह्मभोग, पशुओं का भाग समेत कई परंपराओं का निर्वहन होता था। पवित्र नदियों के किनारे मुंडन कराकर स्नान के बाद जनेऊ धारण कर तर्पण का भी रिवाज है, लेकिन इस बार कोरोना ने सब कुछ बदल दिया है। कोरोना संक्रमण ने तर्पण का तरीका बदल दिया है। अब श्राद्ध पक्ष में तर्पण भी ऑनलाइन देखा जाएगा।

पं. अरविंद मिश्र का कहना है कि सामने बैठकर तर्पण कराया जाता था, लेकिन इस बार कोरोना के खतरे को देखते हुए ऑनलाइन तर्पण कराया जाएगा। अभी तक विदेशों में बैठे लोग ऐसा कराते थे। लेकिन इस बार स्थानीय स्तर पर इसकी व्यवस्था की गई है। वहीं पं. कैलाश शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण वह इस बार यजमान के घर नहीं जाएंगे। उनके घरों में भोजन भी नहीं करेंगे।

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  • Web Title:Not Yajman 39 s house will surrender over phone