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आठ मगरमच्छ सहित 301 कछुओं को नया जीवन

इस साल मानव-सरीसृप के बीच संघर्ष को कम करने के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस ने अहम भूमिका निभाई...

आठ मगरमच्छ सहित 301 कछुओं को नया जीवन
हिन्दुस्तान टीम,आगराFri, 29 Dec 2023 10:35 PM
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इस साल मानव-सरीसृप के बीच संघर्ष को कम करने के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस ने अहम भूमिका निभाई है। सालभर में आठ मगरमच्छ सहित 301 कछुओं को नया जीवन दिया है। 1100 से अधिक सरीसृपों को दुलर्भ स्थितियों से बचाया है। उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है।

वन्य जीव संरक्षण में ऐतिहासिक उपलब्धि में वाइल्डलाइफ एसओएस की रेस्क्यू टीम दिन और रात में तैनात रही है। टीम के सदस्यों ने आगरा और मथुरा से सर्प की विभिन्न प्रजातियों को बचाया है। साल भर के रेस्क्यू अभियान में कछुए मगरमच्छ के अलावा 244 भारतीय रैट स्नेक, 137 कॉमन वुल्फ स्नेक, 89 बंगाल मॉनिटर लिजर्ड (गोह) 92 अजगर सांप, 201 जहरीले कोबरा, 36 जहरीले कॉमन क्रेट सांप को पकड़ा है। इन सभी जीवों को चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद इनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। जानकारों का कहना हैं कि मानव-सरीसृप संघर्ष कई प्रजातियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

संस्था के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि सालभर में टीम के रेस्क्यू में 1100 से अधिक सरीसृपों का बचाव उनके अथक प्रयास व स्थानीय समुदाय के समर्थन का प्रमाण है। संस्था के डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट बैजूराम एमवी बताते हैं कि आगरा व मथुरा लंबे समय से वन्यजीवों का प्राकृतिक घर रहा है। बढ़ते शहरीकरण, आवास विनाश और अवैध वन्यजीव व्यापार ने स्थानीय जीवों के लिए खतरा पैदा कर दिया है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।