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29 मई, 2020|5:24|IST

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2019 की 'महाभारत' में विजय पताका फहराने को तेज करेंगे हिंदुत्व की धार

कृष्ण की जन्मभूमि से एक बार फिर शंखनाद की तैयारी है। कृष्ण के रासस्थल वृंदावन में 'मोहन' पहुंच चुके हैं। वर्ष 2019 की 'महाभारत' में विजय पताका फहराने के लिए हिंदुत्व की धार और तेज की जाएगी। ताना बाना बुनने को देश और विदेश के 'हिंदुत्व प्रहरी' पहुंचने लगे हैं। संकल्प से सिद्धी प्राप्ति के लिए रणनीति बनेगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक के लिए सरसंघचालक मोहन भागवत सोमवार देर शाम 07.15 बजे वृंदावन स्थित केशवधाम पहुंच गए। आरएसएस की एक सितंबर से शुरू होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सीएम आदित्यनाथ योगी के भी शामिल होने की संभावना हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत तीन सितंबर तक यहां रहेंगे। ऐसे में सभी की निगाहें वृंदावन की ओर लगी हैं। संघ सूत्रों के अनुसार, आनुषांगिक संगठनों के साथ होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक काफी महत्व रखती है। यहां आगे की रणनीतियों के निर्धारण के साथ संघ के आगामी कार्यक्रमों की दिशा और दशा तय होगी। वर्ष 2014 और 2017 की मोदी लहर को 2019 के चुनाव तक बनाए रखने के लिए हिंदुत्व की धार मंद न पड़ने देने पर मंथन होगा। संघ प्रमुख पहले तीन दिनों में जहां गणमान्यजनों से मुलाकात करेंगे वहीं अखिल भारतीय समन्वय बैठक में देशभर से जुटने वाले पदाधिकारियों को देशहित के सामाजिक मुद्दों पर दिशा देंगे, इन मुद्दों के माध्यम से ही 2019 के चुनाव तक हिंदुत्व की लौ को तेज बनाए रखने की रणनीति संघ की होगी। सोमवार शाम पहुंचे संघ प्रमुख ने केशवधाम में 08.00 बजे शाखा में भाग लिया, इसके बाद दाल और तोरई की सब्जी से सादा रोटियां खाईं। इसके बाद वह विश्राम कक्ष में चले गए। भागवत की सोच- सबसे ज़रूरी यह सोचने की बात है कि भारत को कैसे नंबर वन देश बनाएं। हम अन्य देशों के साथ अच्छे संबंध बना रहे हैं, भारत आगे की ओर बढ़ रहा। भारत नए अवतार में बदलने को जुट चुका, सारी दुनिया देख प्रेरणा ले रही है। हिंन्दुस्तान का एक नया विचार पूरी दुनिया में बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।